जयपुर में चर्चित अमायरा मौत मामले में पुलिस जल्द ही कोर्ट में चार्जशीट दाखिल करने की तैयारी में है, जिसमें नीरजा मोदी स्कूल प्रबंधन और संबंधित पक्षों की भूमिका को लेकर विस्तार से आरोप तय किए गए हैं। नीरजा मोदी स्कूल के खिलाफ तैयार किए आरोप-पत्र को जल्द ही कोर्ट में पेश किया जाएगा। कोर्ट में चार्जशीट दाखिल होने से पहले ही उससे जुड़े कथित स्क्रीनशॉट वायरल कर आरोपी बनाए लोगों के नाम भी उजागर किए गए है। पुलिस ने आधिकारिक रूप से नाम उजागर नहीं किए थे, लेकिन कथित लीक ने जांच प्रक्रिया की गोपनीयता और प्रशासनिक जवाबदेही पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। दरअसल, 1 नवंबर को 4 क्लास की स्टूडेंट अमायरा (9) की स्कूल की चौथी मंजिल से गिरकर मौत हो गई थी। परिजनों ने स्कूल प्रशासन की लापरवाही का आरोप लगाते हुए मामला दर्ज कराया था। करीब 4 महीने चली जांच के बाद पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 106 (लापरवाही से मृत्यु कारित करना) और धारा 238 (साक्ष्य मिटाने या भ्रामक जानकारी देने) के तहत चार्जशीट तैयार की है। जांच के दौरान घटनास्थल का निरीक्षण, एफएसएल रिपोर्ट और सीसीटीवी फुटेज का विश्लेषण किया गया। प्रारंभिक निष्कर्षों में सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी तंत्र में गंभीर चूक के संकेत मिले हैं। पुलिस ने संस्थान के प्रबंधन और शिक्षण स्टाफ के सदस्यों के खिलाफ आरोप पत्र तैयार किया है। मानसरोवर थाना पुलिस ने कोर्ट में चार्जशीट पेश करने की तैयारी कर ली है। वायरल स्क्रीनशॉट में आरोपियों के नाम उजागर कोर्ट में पेश होने से पहले ही चार्जशीट से जुड़े स्क्रीनशॉट सोशल मीडिया पर वायरल हो गए। कथित तौर पर लीक डॉक्यूमेंट से नया सवाल खड़ा हो गया है- क्या संवेदनशील मामलों की जांच फाइलें सुरक्षित हैं? यदि चार्जशीट का हिस्सा सोशल मीडिया तक पहुंच सकता है तो गोपनीयता की जिम्मेदारी किसकी है? क्या यह जांच प्रक्रिया को प्रभावित करने की कोशिश है या सिस्टम में किसी स्तर पर चूक? अब एक ओर मामला न्यायिक परीक्षण के चरण में प्रवेश करने जा रहा है, वहीं दूसरी ओर चार्जशीट के कथित लीक ने प्रशासनिक जवाबदेही और दस्तावेज सुरक्षा पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगा दिए हैं। संवेदनशील मामलों में पुलिस कई बार एफआईआर तक गोपनीय रखती है, ताकि जांच प्रभावित न हो। ऐसे में अदालत से पहले चार्जशीट के कथित स्क्रीनशॉट वायरल होना गंभीर सवाल खड़े करता है। वायरल स्क्रीनशॉट में नामों की पुलिस नहीं कर रही पुष्टि सोशल मीडिया पर वायरल स्क्रीनशॉट में जो नाम आ रहे हैं, उन्हें लेकर पुलिस की ओर से अब तक इसकी औपचारिक पुष्टि नहीं की गई है। SHO (मानसरोवर) लखन सिंह खटाना का कहना है- पुलिस की ओर से चार्जशीट तैयार कर ली गई है। जिसे जल्द ही कोर्ट में पेश किया जाएगा। जयपुर से जुड़ी अपनी जनसमस्या और शहर की जमीनी हकीकत को पोस्ट करने के लिए यहां क्लिक करें। ——————- मामले से संबंधित ये खबरें भी पढ़िए… नीरजा मोदी स्कूल को हाईकोर्ट से अंतरिम राहत:स्टूडेंट्स शिफ्ट करने की प्रक्रिया पर एक महीने की रोक, मान्यता रद्द करने के आदेश में दखल नहीं जयपुर की नीरजा मोदी स्कूल को राजस्थान हाईकोर्ट से एक महीने की राहत मिल गई है। जस्टिस बिपिन गुप्ता की बैंच ने स्कूल की याचिका पर सुनवाई करते हुए केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) की स्टूडेंट्स शिफ्ट करने की प्रक्रिया पर एक महीने तक रोक लगा दी है।(पूरी खबर पढ़ें) CBSE ने कहा-नीरजा-मोदी स्कूल में एंटी-बुलिंग कमेटी सिर्फ कागज में:हाईकोर्ट में जवाब पेश कर कहा-ग्राउंड फ्लोर से बच्ची चौथे फ्लोर पर चली गई, सीसीटीवी की भी मॉनिटरिंग नहीं जयपुर के नीरजा मोदी स्कूल की मान्यता रद्द करने के मामले में केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने हाईकोर्ट में अपना जवाब पेश किया। करीब170 पेज के जवाब में CBSE ने कहा- स्कूल में एंटी बुलिंग और पॉक्सो कमेटी केवल कागजों तक ही सीमित थीं। (पूरी खबर पढ़ें)
