12वीं तक पढ़ा-लिखा और कभी सामान्य जीवन जीने वाला एक युवक आखिरकार नशा तस्करी के आरोप में पुलिस के हत्थे चढ़ गया। परिवार की जिम्मेदारियों और जल्दी पैसा कमाने की चाह में गलत रास्ता अपनाने वाला यह युवक पिछले दो साल से फरार चल रहा था। चित्तौड़गढ़ से उसकी गिरफ्तारी के बाद साफ हो गया है कि पढ़ाई और काम के बावजूद गलत संगत किसी को भी अपराध की ओर ले जा सकती है। आरोपी पर 25 हजार रुपए का इनाम घोषित था और वह लंबे समय से पुलिस की तलाश में था। ऑपरेशन न्यूनाल्प के तहत एएनटीएफ की कार्रवाई राजस्थान में मादक पदार्थों के खिलाफ चल रहे “ऑपरेशन न्यूनाल्प” के तहत एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (एएनटीएफ) ने यह कार्रवाई की। एएनटीएफ की यह लगातार तीसरे दिन की कार्रवाई रही। एटीएस व एएनटीएफ के महानिरीक्षक पुलिस विकास कुमार ने बताया कि नशा तस्करी से जुड़े फरार आरोपियों के खिलाफ अभियान जारी है और लगातार दबिश दी जा रही है। इस कार्रवाई में एएनटीएफ मुख्यालय जयपुर और चित्तौड़गढ़ की टीम शामिल रही। कौन है गिरफ्तार किया गया इनामी आरोपी गिरफ्तार आरोपी की पहचान कमल उर्फ कमलेश पुत्र भैरूलाल गुर्जर, उम्र 29 वर्ष, निवासी लुहारिया थाना पारसोली जिला चित्तौड़गढ़ के रूप में हुई है। आरोपी एनडीपीएस एक्ट के एक गंभीर मामले में फरार था। उस पर बाड़मेर जिला पुलिस अधीक्षक की ओर से 25 हजार रुपए का इनाम घोषित किया गया था। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार वह राजस्थान और मध्यप्रदेश के सीमावर्ती इलाकों में मादक पदार्थों की तस्करी करता था। काम की तलाश से नशा तस्करी तक पहुंचा आरोपी पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी ने 12वीं कक्षा तक पढ़ाई की थी। पढ़ाई के बाद वह काम की तलाश में चित्तौड़गढ़ आया और लाइट फिटिंग का काम करने लगा। शादी के बाद खर्च बढ़ने और जल्दी पैसे कमाने की सोच के चलते वह गलत लोगों के संपर्क में आ गया। इसी दौरान उसका जुड़ाव नशा तस्करी से जुड़े लोगों से हुआ और धीरे-धीरे वह इस अवैध धंधे में शामिल हो गया। रिश्तेदार के साथ मिलकर शुरू किया अवैध धंधा जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी अपने ही गांव के एक रिश्तेदार के संपर्क में आया, जो पहले से डोडा पोस्त और अफीम की तस्करी में सक्रिय था। उसी के साथ मिलकर आरोपी ने यह काम शुरू किया। दोनों चित्तौड़गढ़, बेगूं और मध्यप्रदेश के सीमावर्ती क्षेत्रों से मादक पदार्थ खरीदकर अन्य इलाकों में सप्लाई करते थे। इस काम से आरोपी को लगातार अवैध कमाई होती रही। कमाई इतनी की कि उसने अपनी एक होटल खोल ली और बड़ी-बड़ी गाड़ियां भी खरीद ली। एनडीपीएस मामले के बाद शुरू हुई फरारी साल 2024 में नागाणा थाना क्षेत्र में मादक पदार्थों से जुड़ा मामला सामने आया था। इस मामले में एनडीपीएस एक्ट के तहत केस दर्ज होने के बाद आरोपी मौके से फरार हो गया था। इसके बाद से वह अलग-अलग स्थानों पर छिपता रहा और पुलिस से बचता रहा। फरारी के दौरान भी उसने तस्करी का काम बंद नहीं किया। मधुवन कॉलोनी से की गई गिरफ्तारी एएनटीएफ को सूचना मिली थी कि आरोपी चित्तौड़गढ़ की मधुवन कॉलोनी में आता-जाता रहता है। सूचना की पुष्टि के बाद टीम ने निगरानी शुरू की। आरोपी के वहां पहुंचने की जानकारी मिलने पर टीम ने इलाके की घेराबंदी की। सुबह करीब 5 बजे जब आरोपी गाड़ी में बैठने की तैयारी कर रहा था, तभी उसे पकड़ लिया गया। पूछताछ में जुटी पुलिस गिरफ्तारी के बाद आरोपी से पूछताछ की जा रही है। पुलिस का कहना है कि पूछताछ के दौरान नशा तस्करी से जुड़े अन्य लोगों और सप्लाई से संबंधित जानकारी मिल सकती है। एएनटीएफ ने स्पष्ट किया है कि मादक पदार्थों के खिलाफ आगे भी इसी तरह कार्रवाई जारी रहेगी।
