उदयपुर में विश्वविख्यात पिछोला झील में पर्यटकों की सुरक्षा को ताक पर रखकर नाव चलाने वाले संचालकों पर नगर निगम ने बड़ी कार्रवाई की है। आयुक्त के निर्देश पर अधिकारियों की टीम ने जब झील का औचक निरीक्षण किया, तो वहां नियमों की जमकर धज्जियां उड़ती मिलीं। अंधेरा होने के बावजूद झील में नावों का संचालन किया जा रहा था, जिस पर एक्शन लेते हुए नगर निगम ने संबंधित फर्म की 5 नावों को तत्काल प्रभाव से सीज कर दिया है। नगर निगम आयुक्त अभिषेक खन्ना के निर्देश पर अधिशाषी अभियंता लखन लाल बैरवा और पुलिस निरीक्षक मांगीलाल डांगी की टीम ने यह औचक निरीक्षण किया था। निरीक्षण के दौरान सामने आया कि नाव संचालक सुरक्षा मानकों की अनदेखी कर सूर्यास्त के बाद भी यात्रियों को झील की सैर करा रहे थे। निगम अधिकारियों ने इसे गंभीर लापरवाही और यात्रियों की जान से खिलवाड़ मानते हुए मौके पर ही कार्रवाई की। आयुक्त अभिषेक खन्ना ने स्पष्ट किया कि पिछोला झील उदयपुर की अंतरराष्ट्रीय पहचान है और यहां होने वाली किसी भी छोटी सी दुर्घटना से पूरे शहर की छवि को नुकसान पहुंचता है। उन्होंने बताया कि किसी भी एजेंसी को कार्य आदेश देने से पहले सख्त शर्तें दी जाती हैं, लेकिन नियमों की पालना नहीं करने पर अब सीधे कड़ी कार्रवाई की जाएगी। आयुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि अब नावों की फिटनेस, लाइसेंस, बीमा और चालकों की योग्यता की नियमित जांच की जाए। यदि भविष्य में भी ऐसी अवहेलना पाई गई, तो नाव सीज करने के साथ-साथ संचालक का लाइसेंस भी निरस्त किया जा सकता है। निगम के अधिशाषी अभियंता लखन लाल बैरवा ने बताया कि झील में हर दिन बड़ी संख्या में देशी-विदेशी पर्यटक आते हैं, ऐसे में उनकी सुरक्षा सर्वोपरि है। हर नाव में पर्याप्त लाइफ जैकेट, प्राथमिक उपचार सामग्री और अन्य सुरक्षा उपकरण होना अनिवार्य है। सूर्यास्त के बाद यात्रियों को नाव में बैठाना एक गंभीर अपराध की श्रेणी में आता है, इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। नगर निगम का उद्देश्य नाव संचालन रोकना नहीं, बल्कि इसे सुरक्षित और व्यवस्थित बनाना है। आयुक्त खन्ना ने आमजन और पर्यटकों से भी जागरूक रहने की अपील की है। उन्होंने कहा कि पर्यटक खुद भी सुरक्षा नियमों का पालन करें और बिना लाइफ जैकेट के नाव में न बैठें। यदि कोई संचालक सूर्यास्त के बाद नाव चलाता है या सुरक्षा में कमी रखता है, तो तुरंत इसकी सूचना नगर निगम के अधिकारियों को दे, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके।
