जल जीवन मिशन (जेजेएम) घोटाले में फरार चल रहे पूर्व IAS सुबोध अग्रवाल को गिरफ्तार कर लिया। ACB की टीम दिल्ली से लेकर जयपुर पहुंची। पूर्व IAS सुबोध अग्रवाल के खिलाफ जेजेएम घोटाले में गिरफ्तारी वारंट जारी था। एसीबी के महानिदेशक (डीजी) गोविंद गुप्ता ने बताया कि साल 2024 में शुरू हुई जांच में अब तक 11 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि 3 आरोपी फरार है। इसी कड़ी में पूर्व आईएएस अधिकारी सुबोध अग्रवाल को अरेस्ट किया है। फर्जी सर्टिफिकेट लगाकर लिए थे टेंडर डीजी ने बताया कि जेजेएम में टेंडर प्रक्रिया में बड़े स्तर पर अनियमितताएं बरती गईं। गणपति ट्यूबवैल, श्याम ट्यूबवैल समेत कुछ फर्मों ने टेंडर के लिए फर्जी सर्टिफिकेट लगाए थे। इसकी जानकारी अधिकारियों को होने के बाद भी कार्रवाई नहीं की गई थी। इस तरह करीब 960 करोड़ रुपए का टेंडर कुछ फर्मों को फायदा देने के लिए दे दिया था। वहीं 50 करोड़ रुपए से ज्यादा के टेंडर में मौका निरीक्षण करना था, लेकिन अधिकारियों ने ऐसा नहीं किया। इस पूरे मामले में पद का दुरुपयोग किया गया है। एसीबी ने फरवरी में 15 जगह मारे थे छापे एसीबी ने जेजेएम घोटाले को लेकर 17 फरवरी को बड़ी कार्रवाई की थी। इस दौरान जयपुर, बाड़मेर, जालोर, सीकर, बिहार, झारखंड और दिल्ली सहित कुल 15 जगहों पर छापेमारी की गई थी। जांच में फर्जी बिल, वित्तीय गड़बड़ियों और टेंडर प्रक्रिया में अनियमितता सामने आई थी। 17 फरवरी को ही सुबोध अग्रवाल के घर पर भी छापेमारी की गई थी। इसी दिन जलदाय विभाग के 9 अफसरों को पकड़ा गया था। 18 फरवरी को सुबोध अग्रवाल के खिलाफ लुक आउट नोटिस जारी हुआ था। — जेजेएम घोटाले से जुड़ी ये खबर भी पढ़िए- राजस्थान- PHED का चीफ इंजीनियर ताज होटल से गिरफ्तार:रिटायर्ड IAS सुबोध अग्रवाल के ठिकाने पर भी ACB की छापेमारी, 9 अफसरों को पकड़ा करीब 900 करोड़ के जल जीवन मिशन (JJM) घोटाले मामले में ACB ने जलदाय विभाग के कुल 9 अफसरों को पकड़ा है। इनमें 3 रिटायर्ड हो चुके और एक सस्पेंड चल रहा है। (पढ़िए पूरी खबर)