77वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर सीमावर्ती स्वर्णनगरी जैसलमेर किसी दुल्हन की तरह सजी नजर आई। शहर के चप्पे-चप्पे पर स्वर्ण आभा बिखेरती पीली रोशनी और देशभक्ति के रंगों ने सैलानियों व स्थानीय निवासियों को मंत्रमुग्ध कर दिया। रात होते ही पूरा शहर जगमगा उठा, जिसका आनंद लेने के लिए सड़कों पर लोगों का हुजूम उमड़ पड़ा। नया रेलवे स्टेशन बना आकर्षण का केंद्र इस बार गणतंत्र दिवस का सबसे विशेष आकर्षण जैसलमेर का नवनिर्मित रेलवे स्टेशन रहा। हाल ही में बनकर तैयार हुआ यह स्टेशन पहली बार तिरंगा रोशनी से सराबोर दिखा। हेरिटेज लुक वाली इस पीली बिल्डिंग पर जब केसरिया, सफेद और हरे रंग की रोशनी पड़ी, तो वहां मौजूद हर शख्स का सीना गर्व से चौड़ा हो गया। स्टेशन की भव्यता और उस पर तिरंगे के रंगों के तालमेल ने देशभक्ति का जबरदस्त ज्वार पैदा किया। चौराहों पर सजी पीली रोशनी की चादर नगर परिषद की ओर से शहर के मुख्य चौराहों और सरकारी इमारतों को पारंपरिक पीली रोशनी से सजाया गया। एयरफोर्स सर्किल, व्यास सर्किल, हनुमान सर्किल और गीता आश्रम सर्किल पर विशेष लाइटिंग की गई। शहर की इमारतों के पत्थर इस पीली रोशनी में और भी सुनहरे नजर आए। सैलानियों को मिले खास एहसास नगर परिषद कमिश्नर लजपाल सिंह ने बताया कि जैसलमेर एक विश्व प्रसिद्ध पर्यटन केंद्र है। उन्होंने कहा, “हम हर साल गणतंत्र दिवस, स्वतंत्रता दिवस और दीपावली जैसे पर्वों पर पूरे शहर को रोशनी से सजाते हैं। हमारा उद्देश्य है कि यहां आने वाले सैलानियों को जैसलमेर की संस्कृति के साथ-साथ त्योहारों की चमक का भी अनुभव हो।” देर रात तक लोग इन चौराहों और रेलवे स्टेशन के बाहर सेल्फी लेते और गणतंत्र दिवस का जश्न मनाते देखे गए। सीमावर्ती जिले में उमड़ा यह उत्साह सुरक्षा बलों और आमजन के बीच अटूट एकता का प्रतीक बनकर उभरा।
