भीलवाड़ा के शास्त्री नगर में रहने वाले 5 साल के सानिध्य माहेश्वरी ने कम उम्र में असाधारण याददाश्त से पहचान बनाई है। 5 साल के सानिध्य ने 163 देशों के झंडों को महज कुछ मिनटों में पहचान कर एशिया बुक ऑफ रिकॉर्ड में स्थान बनाया है। उल्टे रखे गए झंडों की पहचान कर उसने यह रिकॉर्ड बनाया, जिससे अब उसका नाम गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज कराने की तैयारी चल रही है। तीन मिनट चालीस सेकेंड में बनाया एशिया बुक रिकॉर्ड जितेन्द्र और प्रीति माहेश्वरी के बेटे सानिध्य ने एशिया बुक ऑफ रिकॉर्ड में उपलब्धि हासिल की है। उसने 3 मिनट 40 सेकेंड में 163 देशों के झंडे उल्टे होने पर भी सही पहचान कर रिकॉर्ड बनाया। परिजनों के अनुसार सानिध्य एशिया का पहला बच्चा है जिसने इतनी कम उम्र में यह उपलब्धि हासिल की है। अब गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड के लिए आवेदन किया जा चुका है। याददाश्त ने बचपन में ही दिखाया कमाल सानिध्य की याददाश्त शुरू से ही तेज रही है। परिवार के सदस्यों और पड़ोसियों के नाम और चेहरे वह तुरंत याद कर लेता था और भूलता नहीं था। इसी खासियत को देखकर मां प्रीति माहेश्वरी को लगा कि सानिध्य पढ़ाई के साथ किसी विशेष क्षेत्र में भी आगे बढ़ सकता है। स्कूल की किताब से शुरू हुई फ्लैग पहचान एक दिन स्कूल की किताब में अलग-अलग देशों के झंडे देखकर सानिध्य ने कुछ ही समय में 8 से 10 झंडों के नाम याद कर लिए। इसके बाद उसे फ्लैग प्ले कार्ड्स दिलाए गए। यहीं से उसकी फ्लैग स्टडी की शुरुआत हुई। कुछ ही दिनों में वह 10 से 20, फिर 50 और 100 देशों के झंडे पहचानने लगा। ऑनलाइन माध्यम से बढ़ी पहचान की रफ्तार इसके बाद सानिध्य को वर्ल्ड फ्लैग बुक दी गई और लैपटॉप व कंप्यूटर पर अलग-अलग देशों के झंडे दिखाए गए। धीरे-धीरे उसने 160 से ज्यादा देशों के झंडे पहचानने शुरू कर दिए। पढ़ाई के बाद नियमित रूप से फ्लैग स्टडी करवाई जाती थी। उल्टे झंडों की पहचान बना सबसे बड़ा चैलेंज जब सानिध्य 100 देशों के झंडे पहचानने लगा, तब उसे रिवर्स फ्लैग यानी झंडों को उल्टा दिखाकर पहचानने की तैयारी शुरू करवाई गई। उल्टे झंडे पहचानना कठिन होता है, लेकिन सानिध्य ने इसमें भी सही जवाब दिए। एशिया बुक में दर्ज हुआ नाम रिवर्स फ्लैग रिकॉग्नाइज कैटेगरी में सानिध्य का नाम एशिया बुक ऑफ रिकॉर्ड के लिए भेजा गया। ऑनलाइन प्रक्रिया और वीडियो रिकॉर्डिंग के बाद उसने क्वालीफाई किया। परिवार के अनुसार उसने 3 मिनट 12 सेकंड में 165 से ज्यादा देशों के उल्टे झंडे सही पहचाने। अब गिनीज बुक की तैयारी परिजनों ने सानिध्य का नाम गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज कराने के लिए आवेदन किया है। फिलहाल लगभग दो महीने की वेटिंग बताई गई है। आगे मिलने वाले निर्देशों के अनुसार सानिध्य ऑनलाइन या फिजिकल प्रक्रिया के जरिए इसमें भाग लेगा। पढ़ाई और खेल में भी आगे शहर के एक प्राइवेट स्कूल में प्रेप क्लास में पढ़ने वाला सानिध्य पढ़ाई में भी तेज है। स्कूल के साथ उसका समय आउटडोर गेम्स, मोबाइल गेम्स और मस्ती में भी बीतता है। कम उम्र में रिकॉर्ड बनाने के बावजूद उसका डेली रूटीन सामान्य बच्चों जैसा ही है।
