सब इंस्पेक्टर परीक्षा- 2021 में चयनित राजेंद्र सैनी (30) के शव का 45 घंटे बाद पोस्टमॉर्टम हुआ। एक आश्रित को अनुकंपा नियुक्ति, 50 लाख रुपए मुआवजा और राजकीय सम्मान से अंत्येष्टि करने पर सहमति बनी है। वहीं धरना देने वालों के खिलाफ कोई मुकदमा दर्ज नहीं होगा। दरअसल, 15 सितंबर की रात 10 बजे दौसा रेलवे स्टेशन पर मालगाड़ी से कटकर राजेंद्र की मौत हो गई थी। परिवार वालों का कहना था कि जब तक मुआवजे का चेक नहीं मिल जाता, धरना खत्म नहीं होगा। दौसा (कांग्रेस) विधायक दीनदयाल बैरवा का दावा था कि ट्रेनी एसआई राजेंद्र सैनी ने सुसाइड किया। धरने पर बुधवार सुबह करीब साढ़े नौ बजे दौसा के कांग्रेस विधायक दीनदयाल बैरवा पहुंचे थे। उन्होंने कहा था कि करीब 40 घंटे से परिजन अस्पताल में धरना-प्रदर्शन कर रहे हैं, लेकिन कोई भी प्रशासनिक अधिकारी यहां नहीं पहुंचा। इतना बड़ा घटनाक्रम होने के बावजूद सरकार के एक भी जनप्रतिनिधि का बयान नहीं आना दुर्भाग्यपूर्ण है। दोपहर करीब साढ़े बारह बजे बैरवा धरनास्थल से चले गए। शाम 5.19 बजे राजेंद्र सैनी के परिजनों और SDM मूलचंद लूणिया के बीच हुई बातचीत में सहमति बन गई है। हॉस्पिटल में पुलिस बल तैनात रहा
बैरवा ने मंगलवार को एसडीएम से वार्ता के सवाल पर कहा था यह उनके स्तर का मामला ही नहीं है। इतने बड़े घटनाक्रम को लेकर जिला प्रशासन और सरकार ने आंखें मूंद रखी हैं और कानों में उंगली दे रखी है। अस्पताल परिसर में पुलिस बल तैनात रहा। विधायक बोले- सुसाइड के बाद कोई बोलने को तैयार नहीं
दीनदयाल बैरवा ने कहा था- सरकार ने भर्ती परीक्षा रद्द करके बड़ा हादसा तो पहले ही कर दिया था। इसके बाद से ही राजनीतिक रोटियां सेंकी जा रही है। भर्ती रद्द होने पर श्रेय ले रहे थे, लेकिन 785 निर्दोष एसआई में एक राजेंद्र सैनी ने अवसाद (डिप्रेशन) में सुसाइड कर लिया तो कोई बोलने को तैयार नहीं है। बैरवा ने कहा था- भर्ती रद्द करने के मामले में कोर्ट ने थोड़ी राहत दी है, लेकिन सरकार के स्तर पर कोई बात करने को तैयार नहीं है। सैनी के परिजनों का बहुत बुरा हाल हो गया है। इसके बावजूद सरकार संवेदनहीन बनी हुई है। 5 करोड़ मुआवजे की मांग पर अड़े थे
16 सितंबर को एसडीएम मूलचंद लूणिया धरनास्थल पर जिला हॉस्पिटल पहुंचे थे। परिवार वालों से वार्ता के दौरान मृतक आश्रित को नौकरी और राजकीय सम्मान से अंत्येष्टि पर सहमति बनी थी। मुआवजे की मांग पर मामला अटक गया था। आंदोलनकारियों ने कहा था कि जब तक पांच करोड़ मुआवजे का चेक नहीं मिलेगा, तब तक धरना खत्म नहीं करेंगे। मंगलवार शाम को सांसद मुरारीलाल मीणा ने भी जिला अस्पताल पहुंचकर आंदोलनकारियों से पूरे मामले की जानकारी ली थी। धौलपुर में हुई थी पोस्टिंग
राजेंद्र सैनी (मृतक) का सिलेक्शन एसआई-2021 भर्ती में हुआ था। उनकी पोस्टिंग धौलपुर में थी। राजेंद्र मूलत: भरतपुर जिले के भुसावर थाना क्षेत्र के बल्लभगढ़ के रहने वाले थे। फिलहाल परिवार के साथ अलवर के गंज खेरली में रहते थे। राजेंद्र के रिश्तेदार ने बताया- जिस दिन से परीक्षा रद्द हुई थी, वह उसी दिन से डिप्रेशन में थे। इसके बाद यह भी कहा था कि अब तो परीक्षा रद्द हो गई, अब या तो परीक्षा रहेगी या फिर मैं। ये 8 भाई-बहन हैं और परिवार खर्च इनकी नौकरी से चलता था। नौकरी लगने पर उम्मीद जगी थी कि वह घर की स्थिति में सुधार करेंगे, लेकिन अब कुछ नहीं बचा। — SI भर्ती-2021 के सिलेक्टेट कैंडिडेट की मौत की यह खबर भी पढ़िए… चयनित सब-इंस्पेक्टर ने किया सुसाइड, कांग्रेस विधायक का दावा- डिप्रेशन में थे, परिवार से कहा था- अब या तो परीक्षा रहेगी या मैं सब-इंस्पेक्टर परीक्षा- 2021 में चयनित एक सब-इंस्पेक्टर की मालगाड़ी से कटने से मौत हो गई। दौसा कांग्रेस विधायक दीनदयाल बैरवा का दावा है कि ट्रेनी एसआई राजेंद्र सैनी (30) ने सुसाइड किया है। (पढ़ें पूरी खबर)
