40 साल के सरकारी टीचर की हार्ट अटैक से मौत हो गई। किराए के बंद मकान से बदबू आने पर ग्रामीणों ने पुलिस को बुलाया। मकान का मेन गेट खुलवाकर पुलिस अंदर पहुंची तो एक कमरे में बेड पर बॉडी पड़ी हुई मिली। टीचर की दो दिन पहले ही मौत हो चुकी थी। पूरा मामला पाली के सदर थाना क्षेत्र के दयालपुरा गांव का है। 12 अप्रैल की शाम करीब 5 बजे टीचर की बॉडी मिली थी। 10 अप्रैल को आखिरी बार गए थे स्कूल, फिर नहीं दिखे सदर थाने के SI किशनाराम विश्नोई ने बताया कि टीचर की पहचान मुकेश मीणा (40) पुत्र गोपाल मीणा के रूप में हुई है। मुकेश मूल रूप से टोंक जिले के रेहड़ (निवाई) के निवासी थे। वह पिछले 3 साल से दयालपुरा (पाली) में किराए के मकान में अकेले रह रहे थे। वे गांव के ही राजकीय वरिष्ठ उपाध्याय उच्च माध्यमिक संस्कृत स्कूल में टीचर थे। ग्रामीणों के अनुसार, मुकेश 10 अप्रैल को स्कूल गए थे। 11 और 12 अप्रैल को स्कूल की छुट्टी होने के कारण वे बाहर नहीं निकले। 12 अप्रैल की शाम करीब 5 बजे जब पड़ोसियों को घर की ओर से बदबू आई, तब जाकर पुलिस को बुलाया गया। बेड पर मिला 2 दिन पुराना शव
पुलिस जब कमरे के अंदर पहुंची तो मुकेश का शव पलंग पर पड़ा हुआ था। शव दो से तीन दिन पुराना होने के कारण गलने लगा था और उससे तेज दुर्गंध आ रही थी। पुलिस ने बताया कि मकान अंदर से पूरी तरह लॉक था, जिससे किसी बाहरी व्यक्ति के प्रवेश की संभावना फिलहाल नजर नहीं आ रही है। पीछे छूट गया हंसता-खेलता परिवार
परिजनों से मिली जानकारी के अनुसार, मुकेश लंबे समय से दिल की बीमारी से जूझ रहे थे। मुकेश के दो बेटे 13 और 9 साल के हैं। ये बच्चे अपनी मां के साथ टोंक में रहते हैं। पोस्टमाॅर्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों का आधिकारिक खुलासा होगा, हालांकि परिजनों ने हार्ट अटैक की बात कही है। डॉक्टरों का कहना है कि अकेले रहने वाले लोगों में हार्ट अटैक के समय तत्काल मदद न मिल पाना जानलेवा साबित होता है। मुकेश के मामले में भी संभवतः ऐसा ही हुआ होगा। रात के समय अटैक आया और कमरे में अकेले होने के कारण उन्हें हॉस्पिटल नहीं पहुंचाया जा सका।
40 साल के सरकारी टीचर की हार्ट अटैक से मौत:बंद मकान में मिली बॉडी, 10 अप्रैल के बाद नहीं गए थे स्कूल
