बाड़मेर में खेत में लगी प्लास्टिक की जाली में हिरण के सींग फंस गए। हिरण जाली से निकलने के लिए छटपटा रहा था। थोड़ी दूरी पर 4 भाई-बहनों ने हिरण को फंसे देखा तो बिना डरे उसके पास पहुंचे। इसके बाद 1 बहन घर गई और दरांती (फसल काटने का औजार) लेकर लाई। बच्चों ने दरांती से जाली को काटा और हिरण को आजाद किया। प्लास्टिक की जाली से छूटते ही हिरण तेजी से जंगल की तरफ भाग गया। मामला चौहटन उपखंड की भंवार सुथारों की ढाणी का है। इसका वीडियो सामने आया है। पहले देखिए घटनाक्रम से जुड़ी 3 तस्वीरें… प्लास्टिक की जाली में फंस गए थे हिरण के सींग
ग्रामीण देवाराम ने बताया- सुथारों की ढाणी निवासी जोगेश (11) पुत्र गेनाराम, उसकी बहनें जसु (12), ममता (12) और चचेरा भाई सवाई (14) पुत्र हरीश गुरुवार को स्कूल की छुट्टी के बाद घर के पास खेल रहे थे। इस दौरान खेतों की तरफ एक हिरण और उसका बच्चे की सींग प्लास्टिक की जाली में फंस गए थे। जाली से निकलने के लिए हिरण छटपटा रहे थे। ऐसे में बच्चों ने हिम्मत जुटाई और हिरणों के पास पहुंचे। इस दौरान हिरण का बच्चा जाली से निकलकर भाग गया। बड़े हिरण के सींग प्लास्टिक की जाली में बुरी तरह से फंस गए। इसके बाद जसु घर गई और वहां से दरांती और मोबाइल लेकर आई। उसने दरांती अपने भाई को दी और खुद मोबाइल में वीडियो बनाने लग गई। बच्चों ने दरांती से प्लास्टिक की जाली काटी
पिता गेनाराम ने बताया- जोगेश, जसु, ममता और छोटे भाई का बेटा सवाई एक ही सरकारी सरकारी स्कूल में पढ़ते हैं। स्कूल से लौटकर घर के पास ही खेल रहे थे। तब ही पूरा घटनाक्रम हुआ। बच्चों ने हिरण को दुलारा था, ताकि वो घबराए नहीं। इसके बाद जाली काटकर उसे आजाद कर दिया। बच्चों ने पूरे घटनाक्रम को मोबाइल में किया रिकॉर्ड
बच्चों ने पूरा घटनाक्रम मोबाइल में भी रिकॉर्ड कर लिया। करीब 1 मिनट 16 सेकेंड के वीडियो में नजर आ रहा है कि जाली में फंसा हिरण निकलने के लिए छटपटा रहा है। जोगेश और सवाई ने जाली और हिरण को पकड़कर पहले शांत करवाया। इस दौरान एक बच्चे ने कहा- इसके खून आ रहा है। घर ले जाकर इसे पानी पिलाएंगे। दूसरे बच्चे ने कहा- पहले इसकी जान तो बचने दो। बड़ी मशक्कत के बाद प्लास्टिक जाली को धारदार दरांती से काटा गया। ममता हिरण को दुलारने लगी। जैसे ही हिरण के सींगों से प्लास्टिक की जाली काटकर हटाई, वह फुर्ती से जंगल की ओर भाग गया। ये खबर भी पढ़िए… हिरण की ‘बहन’ बनी 11 साल की बच्ची:चार महीने पाला, गोद में खिलाया; बिछड़ने पर छलक पड़े आंसू जैसलमेर में 11 साल की बच्ची पूजा ने ‘मां’ की तरह हिरण के बच्चे को पाला। 4 महीने तक उसका पूरा ख्याल रखा। जब वन विभाग की टीम हिरण के बच्चे को लेने आई तो पूजा ने उसे गले लगा लिया। वह बिछड़ने का दर्द सहन नहीं कर पाई। उसकी आंखों से आंसू बह निकले। पूरी खबर पढ़िए