झालावाड़ के बकानी क्षेत्र के ग्राम झिझनिया में एक दिवसीय कृषि सखी क्षमता विकास प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। आईटीसी मिशन सुनहरा कल के क्लाइमेट स्मार्ट विलेज कार्यक्रम और एसएसआईआईआरडी के सहयोग से हुए इस प्रशिक्षण में कुल 30 कृषि सखियों ने सक्रिय रूप से भाग लिया। कृषि विशेषज्ञ सत्यनारायण पाटीदार ने बताया कि इस पहल के तहत गांव की स्थानीय महिलाओं को कृषि सखी के रूप में प्रशिक्षित किया जा रहा है। ये कृषि सखियां महिला किसानों को उन्नत कृषि तकनीकों, जैविक खेती, जलवायु अनुकूल खेती, मृदा स्वास्थ्य प्रबंधन और फसल विविधीकरण की जानकारी देंगी, जिससे उनकी खेती अधिक लाभकारी बन सके।

पाटीदार ने आगे बताया कि महिला किसानों को अक्सर तकनीकी जानकारी, बाजार से जुड़ाव और सरकारी योजनाओं तक पहुंचने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। कृषि सखियां उन्हें कृषि विभाग की योजनाओं जैसे तारबंदी, पाइपलाइन और मृदा स्वास्थ्य कार्ड से जोड़ने का कार्य करेंगी। इसके अतिरिक्त, वे महिलाओं को कृषि के साथ-साथ बागवानी, पशुपालन और अन्य आजीविका गतिविधियों से जोड़कर उनकी आय बढ़ाने में भी सहयोग करेंगी। आईटीसी एग्री बिज़नेस डिवीजन के कौशलेन्द्र सिंह ने कृषि सखियों को किसान उत्पादक संगठन (एफपीओ) से जुड़ने के महत्व के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि कृषि सखियां गांव स्तर पर किसानों को संगठित कर आधुनिक और टिकाऊ कृषि पद्धतियों को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं, जिससे किसानों को अपने उत्पादों का बेहतर मूल्य प्राप्त होगा। प्रशिक्षण के दौरान कृषि सखियों को अपने-अपने गांवों में जलवायु स्मार्ट पद्धतियों को बढ़ावा देने और किसानों को जलवायु अनुकूल खेती अपनाने के लिए प्रेरित किया गया।