रबी विपणन सत्र 2026-27 में प्रदेशभर में गेहूं की खरीद न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) 2585 रुपए प्रति क्विंटल की दर से की जाएगी। पिछले साल की तुलना में इस बार समर्थन राशि में प्रति क्विंटल 10 रुपए बढ़ाए गए हैं। पिछली बार 2575 रुपए के हिसाब से खरीद हुई थी। साथ ही 150 रुपए प्रति क्विंटल बोनस भी दिया था। हालांकि इस साल अभी तक बोनस की घोषणा नहीं हुई है। भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) के उदयपुर मंडल प्रबंधक रामफूल मीना ने बताया कि इस बार राज्य में गेहूं खरीद का लक्ष्य 23 लाख मीट्रिक टन रखा है। उदयपुर मंडल में पिछले साल 47 हजार मैट्रिक टन खरीद हुई थी। इस बार 55 हजार मैट्रिक टन खरीदी का लक्ष्य लिया गया है। यानी 8 हजार मैट्रिक टन ज्यादा। मीना ने बताया कि सभी क्रय केंद्रों पर छाया-पानी, सफाई, पावर क्लीनर, ड्रायर और नमी मापक यंत्र जैसी मूलभूत सुविधाएं रहेंगी। किसानों को उपज का भुगतान 48 घंटे के भीतर पीएफएमएस के जरिए किया जाएगा। पारदर्शिता बढ़ाने के लिए बायोमेट्रिक सत्यापन और एग्री-स्टैक आधारित फॉर्मर आईडी से पंजीकरण लागू किया जाएगा। 5 नए सेंटर, अब 33 हुए, खरीद में तेजी आएगी एफसीआई संभाग के 6 जिलों- उदयपुर, बांसवाड़ा, डूंगरपुर, चित्तौड़गढ़, राजसमंद और सिरोही जिले में गेहूं खरीद करता है। किसानों के आस-पास एरिया में माल तुलवाने के लिए बड़ी सादड़ी, पारसोली, चित्तौड़गढ़, फतेहनगर, धरियावद में नए खरीद केंद्र खोले हैं। अब केंद्रों की संख्या 33 हो जाएगी। पहले 28 थी। इनमें वर्ष वल्लभनगर, कांकरोली, मदारा, कुरज, कुंवारिया, राज्यावास, छींच, बड़ोदिया, घाटोल, गनोड़ा, तलवाड़ा, गढ़ी-परतापुर, आसपुर, सागवाड़ा, गंगरार, भादसोड़ा, पहुना, राशमी, अकोला, बस्सी, भोपालसागर, कनेरा, निम्बाहेड़ा, डूंगला, प्रतापगढ़, छोटी सादड़ी, अरनोद, जावदा आदि शामिल हैं। किसानों का रजिस्ट्रेशन 1 जनवरी से 25 जून तक होगा। खरीद 10 मार्च से 30 जून तक होगी।