भारतीय रेलवे की शाखा इंडियन रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कॉरपोरेशन लिमिटेड (IRCTC) ने धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने और यात्रियों को एक ही यात्रा में प्रमुख तीर्थस्थलों के दर्शन कराने के उद्देश्य से भारत गौरव ट्रेन की विशेष योजना की घोषणा की है। इसके तहत “देखो अपना देश” अभियान के अंतर्गत श्रद्धालुओं को 4 प्रमुख ज्योतिर्लिंगों के साथ-साथ द्वारिकाधीश मंदिर और सोमनाथ मंदिर के दर्शन का अवसर मिलेगा। इस योजना की जानकारी आज अंबाला कैंट रेलवे स्टेशन पर आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में IRCTC के जॉइंट मैनेजर वी.एन. शुक्ला ने दी।
अमृतसर से होगी ट्रेन की शुरुआत शुक्ला ने बताया कि यह विशेष भारत गौरव पर्यटन ट्रेन 25 अक्टूबर 2025 को अमृतसर से अपनी पहली यात्रा पर रवाना होगी। ट्रेन का उद्देश्य धार्मिक और सांस्कृतिक पर्यटन को नई दिशा देना है। यह यात्रा न केवल श्रद्धालुओं के लिए आस्था का अवसर होगी, बल्कि देश की सांस्कृतिक धरोहर को करीब से देखने और अनुभव करने का भी साधन बनेगी। इस विशेष ट्रेन का रूट काफी विस्तृत रखा गया है। अमृतसर से चलने के बाद ट्रेन जालंधर सिटी, लुधियाना, चंडीगढ़, अंबाला कैंट, कुरुक्षेत्र, करनाल, पानीपत, सोनीपत, दिल्ली कैंट और रेवाड़ी से होकर गुजरेगी। इन सभी स्टेशनों पर तीर्थयात्रियों के लिए रुकने की व्यवस्था होगी, ताकि अलग-अलग शहरों के श्रद्धालु यात्रा में शामिल हो सकें। रेल पर्यटन को मिलेगी नई दिशा वी.एन. शुक्ला ने कहा कि “देखो अपना देश” अभियान के तहत भारतीय रेलवे ने यह पहल देश के नागरिकों को भारत की विविधता और समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर से जोड़ने के लिए की है। भारत गौरव ट्रेनें न केवल धार्मिक स्थलों की यात्रा कराती हैं, बल्कि यह यात्रियों को स्थानीय संस्कृति, इतिहास और परंपराओं से भी रूबरू कराती हैं। रेलवे का मानना है कि इस तरह की योजनाएं न केवल पर्यटन को गति देंगी, बल्कि आम नागरिकों में देश की सांस्कृतिक एकता और धार्मिक विरासत को लेकर गर्व की भावना भी बढ़ाएंगी। यात्रियों के लिए सुनहरा अवसर अंबाला कैंट रेलवे स्टेशन पर आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में उपस्थित अधिकारियों और स्थानीय लोगों ने भी इस यात्रा को एक अनोखा अवसर बताया। उनका कहना था कि जिन श्रद्धालुओं के लिए व्यक्तिगत रूप से इन सभी स्थलों की यात्रा करना कठिन है, वे इस पैकेज के माध्यम से एक ही बार में प्रमुख ज्योतिर्लिंगों और मंदिरों के दर्शन कर सकते हैं। इस यात्रा के माध्यम से न केवल धार्मिक आस्था को बल मिलेगा बल्कि लोगों को सुरक्षित और व्यवस्थित ढंग से यात्रा करने का अवसर भी प्राप्त होगा। रेलवे और IRCTC का प्रयास है कि यात्री घर जैसा अनुभव करें और बिना किसी असुविधा के अपनी यात्रा पूर्ण करें।
