साल 2025 भारतीय शेयर बाजार के लिए उतार-चढ़ाव भरा रहा, लेकिन मजबूत साबित हुआ। जहां वैश्विक अनिश्चितताओं और विदेशी निवेशकों की बिकवाली ने बीच-बीच में दबाव बनाया, वहीं घरेलू मांग, नीति समर्थन और बेहतर होते मैक्रो संकेतकों ने बाजार को संभाले रखा। साल के अंत तक Nifty 50 और BSE Sensex दोनों ने निवेशकों को महंगाई से बेहतर रिटर्न दिया। अब सवाल यह है कि क्या यह रुझान 2026 में भी जारी रहेगा।