8वें वेतन आयोग को लेकर केंद्रीय कर्मचारियों में ऊहापोह की स्थिति है। पता नहीं यह समय से लागू हो पाएगा या नहीं क्योंकि सरकार की तरफ से अब तक न आयोग बना है और न ही दूसरी शर्तें पूरी हुई हैं। आयोग बनने के बाद सैलरी रिवीजन, पेंशन और भत्तों का क्या होगा, उनमें कितनी बढ़ोतरी होगी। इन सब सवालों के झंझावत में कर्मचारी झूल रहे हैं। जानकार बताते हैं कि सैलरी इंक्रीमेंट में महंगाई की दर सबसे बड़ा फैक्टर होती है। इसके आधार पर ही फिटमेंट फैक्टर में बढ़ोतरी होती है। उसके आधार पर ही कॉस्ट ऑफ लिविंग तय होती है। इसलिए 5वें वेतन आयोग से 7वां वेतन आयोग आते-आते सरकारी कर्मचारियों की सैलरी में 605 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है। यानी 19 साल में बेसिक सैलरी 2550 रुपये महीने से बढ़कर 18000 रुपये पर पहुंच गई।