लद्दाख के सोशल एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक 170 दिन बाद जोधपुर सेंट्रल जेल से बाहर आ गए है। उन पर लगा नेशनल सिक्योरिटी एक्ट (NSA) हटा दिया गया है। उनके जेल में रहने के दौरान कई बार उनके समर्थक मिलने पहुंचे थे। हर बार पुलिस ने समर्थकों को मिलने नहीं दिया। अब वांगचुक जेल से बाहर आ गए है। वांगचुक को लेने आज सुबह उनकी पत्नी गीतांजलि जेल पहुंची थी। कागजी कार्रवाई के बाद दोनों साथ में निजी कार से पुलिस सुरक्षा के बीच बाहर निकले। वांगचुक के रिहा होने पर पूर्व सीएम अशोक गहलोत ने भी ट्वीट किया। उन्होंने लिखा- क्या राष्ट्रीय सुरक्षा की परिभाषा अब भाजपा के राजनीतिक नफा-नुकसान से तय होगी? तानाशाही प्रवृत्ति से कानूनों का ऐसा ‘सुविधाजनक इस्तेमाल’ न केवल निंदनीय है, बल्कि हमारी लोकतांत्रिक संस्थाओं की विश्वसनीयता पर भी गहरा आघात है। सोनम वांगचुक को लेने पत्नी पहुंची जानकारी के अनुसार नेशनल सिक्योरिटी एक्ट हटाने के बाद आज सुबह करीब 10 बजे सोनम वांगचुक की पत्नी गीतांजलि जोधपुर जेल पहुंची। इसके बाद कागजी कार्रवाई पूरी की। करीब एक-सवा बजे सोनम वांगचुक और उनकी पत्नी गीतांजलि एक निजी गाड़ी से जेल से निकले। सोनम के जोधपुर से फ्लाइट या ट्रेन या बाय रोड जाने के बारे में जेल प्रशासन ने चुप्पी साध रखी है। NSA के तहत हिरासत में लिया था दरअसल, सोनम के अनशन के दौरान 24 सितंबर 2025 को लेह हिंसा हुई थी। दो दिन बाद 26 सितंबर को राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (NSA) के तहत वांगचुक को हिरासत में लिया था। इसके बाद उन्हें फौरन जोधपुर शिफ्ट कर दिया था। 170 दिन से वे जोधपुर जेल में रहने के बाद आज बाहर निकले। गहलोत बोले- 170 दिनों का हिसाब कौन देगा? एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक जी की रिहाई का समाचार सुखद है, परंतु यह पूरा प्रकरण केंद्र की मोदी सरकार की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करता है। यह कैसी विडंबना है? जो सोनम वांगचुक कभी प्रधानमंत्री मोदी जी की नीतियों के समर्थक रहे, जब उन्होंने लद्दाख के हक और पर्यावरण की आवाज उठाई, तो उन्हें NSA (राष्ट्रीय सुरक्षा कानून) जैसी कठोर धाराओं में बांधकर जोधपुर जेल भेज दिया गया। जिस व्यक्ति को कुछ माह पहले ‘देश की सुरक्षा के लिए खतरा’ बताकर जेल की सलाखों के पीछे डाला गया, उन्हें आज अचानक रिहा करने की बात आई यानी उनके खिलाफ कोई साक्ष्य नहीं मिले। ऐसे में उनकी हिरासत के 170 दिनों का हिसाब कौन देगा? उन्हें गिरफ्तार क्यों किया गया था? सोनम वांगचुक से समर्थकों को मिलने से रोका था 1- चूरू से आए युवक को किया था गिरफ्तार सोनम वांगचुक को 26 सितंबर को जोधपुर सेंट्रल जेल में शिफ्ट किया गया था। 27 सितंबर को सुबह सवा दस बजे उनके समर्थन में एक युवक तिरंगा लेकर जोधपुर सेंट्रल जेल के बाहर आ गया था और भारत माता की जय के नारे लगाने लगा था। उस युवक का नाम विजयपाल था और चूरू जिले के सुजानगढ़ का रहने वाला था। उस युवक को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था। विजयपाल ने पुलिस से कहा था कि सोनम वांगचुक देशभक्त हैं। लेह-लद्दाख के सभी नागरिक देशभक्त हैं। इन लोगों ने ही कारगिल की घुसपैठ के बारे में भारतीय सेना को सूचना दी थी। जब मुझे पता चला कि वांगचुक को जोधपुर लाया गया है। मैं सुबह उठकर साइकिल से सुजानगढ़ रेलवे स्टेशन पहुंचा। वहां से ट्रेन में बैठकर जोधपुर आ गया। 2- सांसद अमराराम को भी मिलने से रोका था सीकर सांसद अमराराम भी 30 सितंबर को सोनम वांगचुक से मिलने पहुंचे थे। पुलिस ने उन्हें बैरिकेडिंग कर रोक दिया था। तब सांसद ने जेल अधीक्षक को लेटर लिखकर वांगचुक से मिलने की अनुमति भी मांगी थी लेकिन उन्हें अनुमति नहीं दी गई थी। 3- सामाजिक कार्यकर्ताओं ने किया था प्रदर्शन सामाजिक कार्यकर्ताओं ने सोनम वांगचुंग की रिहाई की मांग को लेकर 25 फरवरी को प्रदर्शन किया था।पुलिस ने उन्हें मोहनपुरा पुलिया के पास से ही सेंट्रल जेल की तरफ जाने वाले रास्ते पर बैरिकेडिंग कर रोक दिया था। पुलिस ने डिस्कॉम, CMHO ऑफिस के रास्ते को भी बंद कर दिया था। वांगचुक ने जेल में रहकर किया था एक्सपेरिमेंट सोनम वांगचुक ने जोधपुर जेल में रहकर ‘गर्मियों में भी बैरक को कैसे ठंडा रखा जाए’, इसे लेकर इनोवेशन किया था। जेल के स्टाफ ने उनसे बेहतर पेरेंटिंग के टिप्स भी भी लिए थे। इसका खुलासा उनकी पत्नी गीतांजलि अंगमो ने किया था। गीतांजलि भी अपने पति से मिलने अक्सर जेल में आती थी।
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एक्टिविस्ट और साइंटिस्ट सोनम वांगचुक जोधपुर की जेल में एक्सपेरिमेंट कर रहे हैं। गर्मियों में भी बैरक को कैसे ठंडा रखा जाए, इसको लेकर वह इनोवेशन में जुटे हैं। (पढ़िए पूरी खबर) सोनम वांगचुक के समर्थन में जोधपुर-जेल के बाहर पहुंचा युवक:बोला- लेह-लद्दाख के सभी नागरिक देशभक्त; पुलिस ने डिटेन किया सोनम वांगचुक से मिलने पहुंचे सांसद को पुलिस ने रोका:जोधपुर सेंट्रल जेल के बाहर की बैरिकेडिंग; जेल प्रशासन ने नहीं दी परमिशन जोधपुर में सोनम वांगचुंग के समर्थकों को पुलिस ने रोका:सेंट्रल जेल समेत डिस्कॉम, CMHO ऑफिस के रास्ते को किया बंद; लोग हुए परेशान
170 दिन जेल में रहे सोनम वांगचुक:इस बीच सांसद को भी मिलने से रोका था; मिलने आया युवक हुआ था गिरफ्तार
