16 सीटर जीप में 60 सवारियां। अंदर से लेकर बाहर तक और बोनट से लेकर छत और स्टेपनी तक ऐसी कोई जगह नहीं बची जहां सवारियां न बैठी हों। ड्राइवर को न तो लोगों की जान की परवाह है और न ही कानून का डर। ये नजारा है बांसवाड़ा जिले के आनंदपुरी इलाके का। यहां रोडवेज बस और दूसरे परिवहन साधनों की कमी के चलते लोगों की जान से खिलवाड़ किया जा रहा है। इधर, ये वीडियो सामने आने के बाद शुक्रवार को जिम्मेदार अधिकारियों का कहना है कि परिवहन विभाग की ओर से टीमें भेजकर ओवरलोडिंग वाहनों के चालान काटे गए हैं। अधिकारियों ने बताया कि परिवहन साधनों की कमी की वजह से ऐसे हालात बन रहे हैं। पहले तस्वीरों में देखें कैसे जीप पर लटके हुए हैं यात्री… गाड़ी के बोनट से लेकर स्टेपनी और छत पर यात्री ही यात्री वीडियो में साफ नजर आ रहा है कि जीप में अंदर तो सवारियां हैं ही। इसके अलावा गाड़ी के ऊपर भी यात्री बैठे हुए हैं। जीप के बोनट से लेकर छत, स्टेपनी तक लोग बैठे हुए हैं। इतना ही नहीं जीप ड्राइवर के गेट से लेकर बाकी गेट पर भी यात्री अपनी जान जोखिम में डालकर लटके हुए हैं। हालात ये है कि इस हालात में बुजुर्ग से लेकर महिलाएं और बच्चे तक सफर कर रहे है। जीप खचाखच भरी होने के बाद भी ड्राइवर स्पीड में गाड़ी दौड़ा रहा है। वीडियो सामने आने के बाद बोले अधिकारी, टीम भेजकर बनाए चालान जानकारी के अनुसार बांसवाड़ा के आदिवासी इलाकों में रोडवेज और अन्य लोक परिवहन बसों की काफी कमी है। ऐसे में जीप से ही लोगों को आना-जाना होता है। अधिकारी भी मान रहे हैं कि परिवहन साधनों की कमी की वजह से ऐसा हो रहा है। इधर, ये वीडियो सामने आने के बाद अधिकारियों की ओर से कार्रवाई का दावा किया जा रहा है। ट्रैफिक पुलिस के कार्यवाहक इंचार्ज वीरभद्र सिंह ने बताया कि हमने पूर्व में ऐसे वाहनों पर कार्रवाई करते हुए लगेज करियर हटाया था। पुलिस और परिवहन विभाग संयुक्त रूप से कार्रवाई कर रहा है। नियमों का उल्लंघन करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। ओवरलोड वाहनों पर कार्रवाई जारी रहेगी
डीटीओ पंकज शर्मा ने बताया कि आनंदपुरी क्षेत्र का वीडियो सामने आने के बाद क्षेत्र में टीम भेजी थी। कुछ ओवरलोडिंग वाहनों के चालान भी बनाए हैं। क्षेत्र में परिवहन के साधनों की कमी के कारण ऐसी स्थितियां हो रही हैं। आगे भी नियमानुसार कार्रवाई जारी रहेगी।
