जयपुर डिस्कॉम के 18 में से 13 सर्किलों में डिफेक्टिव मीटर का आंकड़ा शून्य हो गया है। अब इन सर्किलों के सभी उपभोक्ताओं को मीटर की वास्तविक रीडिंग से ही बिजली बिल दिया जाएगा। डिस्कॉम के कोटपूतली, सवाई माधोपुर, भिवाड़ी और भरतपुर सर्किल अब पूरी तरह डिफेक्टिव मीटर मुक्त हो गए हैं। यानी इन इलाकों में सिंगल फेज और थ्री फेज उपभोक्ताओं के सभी खराब मीटर बदले जा चुके हैं। विद्युत भवन में हुए कार्यक्रम में ऊर्जा मंत्री हीरा लाल नागर ने चारों सर्किलों के अधीक्षण अभियंताओं को शून्य डिफेक्टिव मीटर के प्रमाण पत्र सौंपे। इस दौरान विभाग के प्रमुख सचिव अजिताभ शर्मा व डिस्कॉम की चेयरमैन आरती डोगरा भी मौजूद रहे। थ्री फेज के सर्वाधिक थ्री फेज कृषि12,724 सिंगल फेज ग्रामीण 659 सिंगल फेज शहरी75 खराब मीटर 74,850 से घटकर 13,466 हुए {31 मार्च 2024 को जयपुर डिस्कॉम में खराब मीटर 74 हजार 850 थे। {20 महीनों में यह आंकड़ा 13 हजार 466 पर ला दिया। {इस साल जून-जुलाई में कोटा, बूंदी, बारां, झालावाड़, जयपुर सिटी नॉर्थ, जयपुर सिटी साउथ, जेपीडीसी नॉर्थ और दौसा में सभी श्रेणियों के खराब मीटर बदले जा चुके थे। वहीं नवंबर में करौली सर्किल भी पूरी तरह डिफेक्टिव मीटर-फ्री हो गया था। बिजलीकर्मियों के 6 आश्रितों को मिले 1.50 करोड़ रुपए डिस्कॉम के छह दिवंगत कार्मिकों के आश्रितों को मंगलवार को 1.50 करोड़ रुपए की बीमा राशि दी गई। ऊर्जा मंत्री ने चेक सौंपे। सड़क दुर्घटना में निधन हुए तकनीशियन प्रथम बच्चू सिंह मीणा की प|ी मनीषा मीणा को 1 करोड़ रुपए का क्लेम मिला, जबकि अन्य 5 कार्मिकों के परिजनों को 10-10 लाख रुपए की राशि दी गई। एसबीआई से हुए एमओयू के तहत मृत्यु या पूर्ण दिव्यांगता पर 1 करोड़ और आंशिक दिव्यांगता पर 80 लाख का कवर मिलता है। जयपुर डिस्कॉम; खराब मीटर 13466 बचे खराब मीटर से डिस्कॉम व उपभोक्ताओं को नुकसान }खराब मीटर से उपभोक्ता और डिस्कॉम दोनों को नुकसान। }लंबे समय तक मीटर खराब रहने पर डिस्कॉम को 5% छूट देनी होती थी, जिससे राजस्व नुकसान होता था }एवरेज बिल से उपभोक्ताओं में असंतोष बढ़ता है। }फील्ड टीम को वेरिफिकेशन और बिलिंग में अतिरिक्त समय देना पड़ता है। }अब नहीं आएगा एवरेज बिल, हर यूनिट का सही हिसाब मिलेगा। }बिल सीधे वास्तविक खपत (रियल रीडिंग) के आधार पर आएगा।