ट्रक में फंसी कार करीब 12 किमी तक घिसटती चली गई। मैं पीछे की सीट पर सो रहा था। एक्सीडेंट होने पर अचानक मेरी आंख खुली। कार घिसटती जा रही थी। इस दौरान मैं 45 मिनट तक 112 नंबर पर कॉल करता रहा। इसके बाद स्पीड ब्रेकर आया तो कार ट्रक से अलग होकर साइड में रुक गई। मैं बाहर निकालने के लिए मदद के लिए चिल्लाया तो ग्रामीणों ने आकर मुझे बचाया। कार में आगे की सीट पर बैठे मेरे जीजा समेत 4 लोगों की मौत हो चुकी थी। यह पूरी आंखों-देखी दौसा में दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर हुए हादसे में बचे बृजमोहन गुप्ता (28) ने बताई। पापड़दा इलाके में मंगलवार सुबह करीब 5:30 बजे हुए हादसे में उज्जैन (मध्य प्रदेश) से महाकाल के दर्शन कर नाेएडा (यूपी) लौट रहे 5 श्रद्धालुओं में से 4 की मौत हो गई थी। पापड़दा थाना ASI नेमीचंद ने बताया- आलूदा-पापड़दा के पिलर नंबर 193 के पास कार डैमेज हालत में मिली थी। राहुवास के 203.04 पिलर के पास ट्रक ने कार को टक्कर मारी थी। ट्रक में कार बुरी तरह फंस गई थी। इसकी वजह से ट्रक के साथ कार घिसटती चली गई। राहुवास थाना इंचार्ज गोपाल शर्मा ने बताया- हादसे में गाजियाबाद (यूपी) की खोड़ा कॉलोनी के वंदना एनक्लेव निवासी राहुल गुप्ता (35) और प्रिंस गुप्ता (18) की मौत हो गई। पूर्वी दिल्ली के शाहदरा के विवेक विहार के ज्वाला नगर, इंद्रा पार्क निवासी पारस अग्रवाल (31) और ड्राइवर विक्रम सिंह (25) निवासी नंदग्राम मरियम नगर, गाजियाबाद (यूपी) की भी जान चली गई। पीछे की सीट पर सवार बृजमोहन गुप्ता की जान बच गई। पढ़िए हादसे की कहानी कार सवार बृजमोहन की जुबानी…
बृजमोहन ने बताया- हम लोग 25-26 जनवरी की छुट्टी के चलते नोएडा से 24 जनवरी को एक्सप्रेसवे से उज्जैन के लिए रवाना हुए थे। जहां दर्शन के बाद 26 जनवरी की शाम को वापस रवाना हुए। इस दौरान 27 जनवरी को सुबह करीब 5:30 बजे दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर एक्सीडेंट हो गया। मैं कार में पीछे की सीट पर लेटा हुआ था। एक्सीडेंट के बाद मेरी आंख खुली और देखा तो गाड़ी ट्रक में फंसी हुई थी। आगे मेरे जीजा राहुल गुप्ता, प्रिंस, पारस और ड्राइवर विक्रम की मौत हो चुकी थी। ये देख मैं काफी देर तक चिल्लाता रहा। मदद के लिए पुकारता रहा। इसके बाद ट्रक के साथ घिसटती अर्टिगा कार से ही 112 नंबर पर मदद के लिए 45 मिनट तक कॉल करता रहा। लेकिन, कोई मदद नहीं मिली। इसके बाद एक्सप्रेसवे पर ब्रेकर जैसा या कोई ऊंची-नीची सड़क आई और कार ट्रक से अलग होकर दोबारा सड़क से उतरकर टकराई और रुक गई। मैं बचाओ-बचाओ चिल्लाया तो आसपास के गांव के लोग मौके पर आए। शीशा तोड़कर मुझे बाहर निकाला। उन्हीं लोगों ने पुलिस को हादसे की सूचना दी, जिसके बाद अस्पताल में भर्ती कराया गया। NHAI को भी हादसे का पता नहीं चला
दरअसल, एक्सप्रेसवे पर भांडारेज इंटरचेंज के दोनों ओर अलग-अलग कंपनियों के पेट्रोलिंग वाहनों से लगातार गश्त करने का दावा किया जाता है। वहीं हाई रेजोल्यूशन सीसीटीवी कैमरों के जरिए कमांड एरिया में मॉनिटरिंग की व्यवस्था की हुई है। इसके बावजूद नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) को भी हादसे का पता नहीं चला और कार ट्रक में फंसकर घिसटती रही। ………. दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर ट्रक में घुसी कार, चार की मौत:12KM तक गाड़ी घिसटती चली गई, उज्जैन महाकाल के दर्शन कर नोएडा लौट रहे थे दौसा में दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर आगे चल रहे ट्रक में पीछे से तेज रफ्तार कार घुस गई। हादसे में कार सवार चार श्रद्धालुओं की मौत हो गई। ट्रक में कार बुरी तरह फंस गई थी। इसकी वजह से करीब 12 किमी तक ट्रक के साथ कार घिसटती चली गई। (पढ़ें पूरी खबर)

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