गोपाष्टमी पर्व पर श्रीजड़खोर गोधाम में बुधवार को भव्य गोपाष्टमी महोत्सव का आयोजन किया गया। राजस्थान सरकार के गोपालन निदेशालय के संयुक्त तत्वावधान में हुए इस कार्यक्रम में लगभग 10 हजार गोवंशों की एक साथ वैदिक मंत्रोच्चारण के बीच पूजा-अर्चना की गई। इस अवसर पर देशभर से आए गोभक्तों, श्रद्धालुओं और साधु-संतों ने गोपूजन और परिक्रमा कर सुख-समृद्धि की कामना की। सभी ने गोमाता की रक्षा का संकल्प भी लिया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि राजस्थान सरकार के गोपालन निदेशालय के निदेशक पंकज कुमार ओझा ने कहा कि राज्य सरकार गोसेवा और संरक्षण के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा स्वयं बड़े गोभक्त हैं और गौशालाओं के निर्माण, प्रबंधन, पोषण व चिकित्सा सुविधाओं को मजबूत बनाने के लिए लगातार प्रयासरत हैं। निदेशक ओझा ने आगे कहा कि गोबर-गोमूत्र आधारित उत्पादों से रोजगार सृजन करना और गोपालकों की स्थिति में सुधार लाना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। श्रीजड़खोर गोधाम के सचिव अचिंत्य गर्ग ने जानकारी दी कि सीकर की रेवासा पीठ और वृंदावनधाम के श्रीमलूक पीठाधीश्वर स्वामी राजेंद्र दास महाराज की प्रेरणा से स्थापित यह गोधाम केवल गोसेवा का केंद्र नहीं, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने का भी माध्यम है। गर्ग ने बताया कि इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य गोरक्षा, गोसंवर्धन और सनातन संस्कृति के संरक्षण के प्रति जन जागरूकता फैलाना है। संयुक्त सचिव सज्जन रामदास ने बताया कि 170 बीघा क्षेत्र में फैले इस गोधाम में पांच गोशालाओं में विशेष पूजा-अर्चना की व्यवस्था की गई थी। कार्यक्रम में भक्तों के लिए विशाल भंडारे का भी आयोजन किया गया। भजन गायिका साध्वी पूर्णिमा दीदी के मधुर भजनों ने भक्तों को भावविभोर कर दिया। कार्यक्रम के अंत में निदेशक पंकज ओझा ने उपस्थित जनसमूह को गोरक्षा की शपथ दिलाई, जिसमें गोवंश की रक्षा, गोमाता के प्रति करुणा और गो-उत्पादों के सदुपयोग का संकल्प शामिल था। यहां देखे फोटोज
