ANTF टीम ने 1 लाख रुपए के इनामी तस्कर को घर पर पूजा-पाठ करते दबोच लिया। आरोपी 3 साल से फरारी काट रहा था। टीम को इनपुट मिला था कि आरोपी नवरात्रा पर पूजा-पाठ करने घर पर आएगा। इस पर टीम ने लगातार निगरानी रखते हुए घर से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस पूछताछ में सामने आया है कि नेपाल भागने की तैयारी में था। तस्कर ने शुरूआत शराब तस्करी से की थी। इसके बाद मादक-पदार्थ का कारोबार शुरू किया। इस पर मर्डर, एनडीपीएस समेत 14 मामले दर्ज है। इनामी के घर आने की मिली सूचना एएनटीएफ आईजीपी विकास कुमार ने बताया- टीम ने फरार इनामी कंवराराम को दबोचने के लिए काफी समय से प्रयास कर रही थी। टीम को सूचना मिली थी कि आरोपी नागेणेची माता का भक्त है। नवरात्रा पर पूजा-पाठ करने के लिए घर आ सकता है। टीम ने आरोपी के आसपास गुप्त रूप से निगरानी करनी शुरू की। इस दौरान घर आने की सूचना पर टीम ने प्लानिंग की। पूजा करते टीम ने दबोचा एएनटीएफ टीम ने आरोपी के घर पर माताजी की पूजा-पाठ करते आरोपी कंवराराम पुत्र बगताराम निवासी बोला पुलिस थाना ग्रामीण हाल बलदेव नगर बाड़मेर के घर पर ही दबिश दी। कंवराराम को टीम ने पकड़कर रिीको थाना पुलिस को सुपुर्द किया। नेपाल भागने की थी तैयारी आईजीपी विकास कुमार ने बताया तीन साल से फरार चल रहे एक लाख रुपए के इनामी आरोपी कंवराराम नवरात्रा के अवसर पर केवल माताजी की पूजा-अर्चना करने के लिए घर पर अया था। आरोपी ने फरारी जारी रखने के लिए अपना बैग भी तैयार कर रखा था। नेपाल जाने की तैयारी में था। पढ़ाई छोड़ घुसा क्राइम में फरार इनामी आरोपी कंवराराम ने साल 2009 में दसवी कक्षा तक पढ़ाई करने के बाद शिक्षा छोड़ दी। इसके बाद करीब दो साल तक पेट्रोल पंपर पर सैल्समैन का काम किया। साल 2010 में मारपीट का मामला दर्ज हुआ। साल 2013 में मर्डर का मामला दर्ज हुआ। आरोपी जेल में गया। इसमें आरोपी को करीब 4 साल बाद जमानत मिली। शराब तस्करी में घुसा आरोपी कंवराराम ने क्राइम की दुनया में कदम रखने के बाद शराब के अवैध कारोबार में भी हाथ आजमाया। राजस्थान से अवैध शराब लेकर गुजरात में सप्लाई की। पार्टनर के साथ अनबन होने पर लौटकर बाड़मेर आ गया। फिर शुरू की ड्रग्स की तस्करी आरोपी पर मारपीट व मर्डर के मामला दर्ज होने के बाद व फरार रहने लगा। इसी दौरान उसका संपर्क तस्करों से हुआ। आरोपी मध्यप्रदेश व दक्षिण राजस्घ्थान से भारी मात्रा में अवैध मादक-पदार्थ खरीदकर मारवाड़ में सप्लाई करने लगा। साल 2018 में आरोपी मध्यप्रदेश के नीमच इलाके में डोडा-पोस्त से सबंधित एनडीपीएस मामले में पकड़ा। 27 माह तक जेल में रहा इस मामले में करीब 28 माह तक जेल में रहा। इसके बाद दिसंबर 2021 में छोटी सादड़ी प्रतापगढ़ में डोडा-पोस्त से संबंधित मामले में पकड़ा गया। साल 2023 में पुलिस थाना बाली जिला पाली में एनडीपीएस और आर्म्स एक्ट के तहत मामले दर्ज हुए। फरारी के दौरान ठिकाने पर बदलकर करने लगा तस्करी आरोपपी के खिलाफ एनडीपीएस व अन्य धाराओं में मामले दज होने पर आरोपी अपना गांव छोड़कर फरारी काटने लगा। पुलिस से बचने के लिए राजस्थान समेत गुजरात, महाराष्ट्र और कर्नाटक में अलग-अलग ठिकानों पर शरण लेता रहा। ठिकाने बदलता रहा। पुलिस से बचने के लिए पाले 8 कुत्ते आरोपी कंवराराम ने अपने घर के आसपास बाहरी व्यक्तियों की आवाजाही पर नजर रखने तथा पुलिस की संभावित दबिश पर सतर्क रहने के लिए 8 पालतू कुते पाल रखे थे। इससे अनजान व्यक्ति के आने पर कुत्ते भौंकते और सतर्क हो जाता था। बाहरी कुत्तों के बाहरी व्यक्ति आसपास नहीं पहुंच पा रहा था। 14 मामले है दर्ज आरोपी कंवराराम के खिलाफ 14 से अधिक क्राइम के मामले दर्ज है। इनमें मर्डर, मारपीट, तथा मादक-पदार्थ तस्करी से जुड़े है। आरापी के खिलाफ राजस्थान के अलग-अलग थानों के अलावा अन्य राज्यों के मामले शामिल है।