जोधपुर के पाल रोड स्थित श्री राम हॉस्पिटल में इलाज के लिए लाए एक व्यक्ति की मौत के बाद परिजनों ने विरोध करना शुरू कर दिया। परिजनों ने हॉस्पिटल के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर धरना देना शुरू कर दिया है। रिश्तेदार दिलीप ने बताया कि हिम्मत सोलंकी (54) सोफा बनाने का काम करते थे। रविवार को प्रतापनगर के जे-सेक्टर से खांसी जुकाम होने पर हॉस्पिटल में दिखाने के लिए इमरजेंसी में दोपहर दो बजे उनके पुत्र निखिल और हिमांशु उन्हें लेकर आए थे। दो घंटे तक नहीं ली सुध यहां पर डॉक्टरों ने इलाज शुरू नहीं किया। दो घंटे बाद शाम 4 बजे डॉक्टर आए, लेकिन उनकी मौत हो गई। परिजनों का आरोप है कि दो घंटे तक डॉक्टरों ने उन्हें देखा नहीं। बाद में उनकी तबीयत बिगड़ने लगी तो उन्हें CPR दी लेकिन उनकी मौत हो गई। हॉस्पिटल प्रशासन की लापरवाही की वजह से ये हादसा हुआ है। परिजनों का आरोप है कि जिस डॉक्टर के नाम की पर्ची हॉस्पिटल प्रशासन ने पर्ची काटी थी वो डॉक्टर आए नहीं। आशीष त्यागी नाम से एक व्यक्ति हॉस्पिटल में इलाज करने आया था।
