Yahya Ebrahim success story: केरल की गलियों में नंगे पैर दौड़ने वाला बच्चा जब अपनी दादी के घर से लौटता तो उसकी चाची एक बड़ा कटहल थमा देतीं। उस कटहल को सिर पर रखकर चलते हुए बच्चा खुद को विशाल साम्राज्य का शासक समझता। इस ‘समझ’ ने याह्या इब्राहिम (Yahya Ebrahim) को कुछ बड़ा करने के लिए प्रेरित किया। वह शहर के अमीरों के बीच अपनी जगह बनाना चाहते थे, लेकिन इससे भी बड़ी चाहत थी अपनी मां को किराये के घर से निकालकर खुद के घर में ले जाना। याह्या इब्राहिम को अहसास था कि अपने सपनों को पूरा करने के लिए उन्हें कड़ी मेहनत करनी होगी। वह भारत से दुबई पहुंचे और आज उनकी सफलता दुनिया को प्रभावित कर रही है।
