भास्कर न्यूज | जालंधर पंजाब सरकार द्वारा शुरू किए गए युद्ध नशे विरुद्ध अभियान के दूसरा चरण में पहुंचे दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री और आप सुप्रीमो अरविंद केजरीवाल ने कहा कि नशा हरियाणा, दिल्ली और गुजरात में भी खुलेआम बिकता है, लेकिन बदनाम केवल पंजाब होता है। केजरीवाल ने कहा कि केंद्र सरकार ने जो एंटी ड्रोन सिस्टम लगा रखे थे, वह कम पड़ रहे थे। पहली बार पंजाब सरकार ने अपने एंटी ड्रोन सिस्टम खरीदे। अब विलेज डिफेंस कमेटियां बनाई गई हैं। वहीं, स्पेशल डीजीपी कानून व्यवस्था अर्पित शुक्ला ने कहा कि पहली बार पंजाब सरकार ने 40 करोड़ रुपए मंजूर किए हैं। इनमें 20 करोड़ सीसीटीवी, दस करोड़ इन्फ्रास्ट्रक्चर और 10 लाख मोबिलिटी पर खर्च किए गए। ड्रोन से नशा रोकने के लिए एंटी ड्रोन व्हीकल स्थापित किए गए हैं। 1 9500 जिला वार्ड कमेटियां गठित हैं। 50 हजार मेंबर कमेटियों में हैं, जो पंजाब पुलिस व सरकार के साथ मुहिम में लगे हुए हैं। 55400 मीटिंग पहले चरण में की। 29980 एनडीपीएस केस दर्ज किए हैं। 358 बड़े तस्कर पकड़े गए। सरकार का दावा… पिछले एक साल के रिकॉर्ड साझा करते हुए माना सरकार ने दावा कि… राज्यभर में नशे के खिलाफ करीब 29980 केस दर्ज किए गए हैं। नशा तस्करी में संलिप्त 43437 लोगों को सलाखों के पीछे भेजा गया। स्पेशल डीजीपी कानून व्यवस्था अर्पित शुक्ला ने कहा कि पिछले साल 252 ड्रोन रिकवर किए गए। जो नशा लेकर आए थे। पहली बार तस्कर की प्रॉपर्टी फ्रीज करने का एक्शन हुआ है। एक साल में 548 बड़े तस्करों की प्रॉपर्टी फ्रीज की गई। 269 करोड़ की प्रॉपर्टी को फ्रीज व गिराने का काम किया गया। ताकि नशा खत्म किया जाएगा। सेल्फ हेल्पलाइन पंजाब पर 30 हजार शिकायत आई हैं। उन शिकायतों की वेरिफिकेशन कर 11 हजार केस दर्ज किए गए हैं। दूसरे चरण में पुलिस और प्रशासन का ध्यान अब सप्लाई चेन को जड़ से काटने पर होगा। इसके साथ ही मोहल्ला और गांव स्तर पर कमेटियां बनाकर युवाओं को नशे से दूर रखने पर होगा। मुख्यमंत्री मान ने कहा है कि यह अभियान तब तक नहीं थमेगा, जब तक पंजाब का हर घर नशे की इस लत से सुरक्षित न हो जाए। यहां मनीष सिसोदिया, कैबिनेट मंत्री अमन अरोड़ा, डॉ. बलबीर सिंह और तरुणप्रीत सिंह सोंध, लोस सांसद राज कुमार चब्बेवाल मौजूद रहे।