हनुमानगढ़ के गोलूवाला स्थित लक्ष्य प्राइवेट आईटीआई कॉलेज में केंद्र और राज्य सरकार की कौशल विकास योजनाओं की राशि में धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। पुलिस ने दंपती सहित तीन आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी, जालसाजी और आपराधिक साजिश का मुकदमा दर्ज किया है। कुल 91 लाख 60 हजार रुपए से अधिक की राशि के गबन का आरोप है। आरोपियों की पहचान नरसिंहपुरा, मांझुवास निवासी राहुल सहारण और उसकी पत्नी रेखा बराला तथा सूरतगढ़ निवासी सुशील शर्मा के रूप में हुई है। पुलिस ने परिवादी बलजिंदर सिंह की रिपोर्ट पर यह कार्रवाई की है। अमरसिंहवाला निवासी बलजिंदर सिंह ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि 2021 में राहुल सहारण और रेखा बराला ने उनसे संपर्क कर सरकारी कौशल योजनाओं के अनुबंध दिलाने का भरोसा दिया था। उनके कहने पर बलजिंदर सिंह ने 15 अप्रैल 2021 को लक्ष्य चैरिटेबल ट्रस्ट के माध्यम से लक्ष्य निजी आईटीआई को 16 लाख रुपए में खरीदा। भुगतान बलजिंदर सिंह के खाते से किया गया था। ट्रस्ट की नई कार्यकारिणी में बलजिंदर सिंह को व्यवस्थापक और राहुल सहारण को कोषाध्यक्ष बनाया गया था। रिपोर्ट के अनुसार, सत्र 2024-25 में पीएमकेवीवाई के तहत इलेक्ट्रिक व्हीकल सर्विस टेक्निशियन कोर्स की 240 सीटें आवंटित की गईं। आरोप है कि प्रति प्रशिक्षु 27 हजार रुपए स्वीकृत होने के बावजूद बलजिंदर को केवल 2 हजार रुपए मिलने की बात बताई गई। कुल 56.16 लाख रुपए की राशि कथित तौर पर अन्य संस्था के खाते में ट्रांसफर कर हड़प ली गई। इसी प्रकार, आरएसएलडीसी के तहत जरी और सिलाई कोर्स की 150 सीटों पर 35.43 लाख रुपए की राशि भी कथित रूप से व्यक्तिगत खाते में डलवा ली गई। आरोप है कि सुशीलकुमार शर्मा के माध्यम से एक घोषणा पत्र तैयार किया गया, जिसके आधार पर यह पूरी राशि लक्ष्य आईटीआई के बजाय सुशील शर्मा की संस्था के राजस्थान मरुधरा ग्रामीण बैंक, सूरतगढ़ शाखा के खाते में ट्रांसफर कर दी गई। वहां से तीनों आरोपियों ने मिलकर यह राशि हड़प ली। पुलिस ने विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर जांच एएसआई विजय सिंह को सौंपी है। मामले में बैंक खातों और संबंधित दस्तावेजों की गहनता से जांच की जा रही है।