नमस्कार कभी-कभी दिग्गजों के सामने कोई और स्टार बन जाता है। गुड़ामालानी में पूर्व मंत्री के सामने सोनाराम स्टार बन गए। सवाई माधोपुर के स्थापना दिवस पर कृषि मंत्रीजी के डांस के दौरान ‘माननीयों’ ने कंट्रोल खो दिया। जोधपुर में फीणी का आटा पैर से गूंथे जाने का वीडियो सामने आ गया और लोक कलाकार ने ‘वाका-वाका’ गाकर दिल जीत लिया। राजस्थान की राजनीति और ब्यूरोक्रेसी की ऐसी ही खरी-खरी बातें पढ़िए, आज के इस एपिसोड में… 1. हेमाराम बोले- सोनाराम के मजे हो गए बालोतरा में किसान कई मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे थे। वे गुड़ामालानी के SDM ऑफिस पहुंच गए और धरने पर बैठ गए। इस धरने को पूर्व मंत्री हेमाराम चौधरी संबोधित कर रहे थे। वे कह रहे थे- प्रशासन मांगें पूरी कर देता तो किसानों को सड़कों पर नहीं आना पड़ता। जहां किसान की बात आए वहां जाति-पार्टी से ऊपर उठकर सब जुट जाओ। एकता रखेंगे तब ही सफलता मिलेगी। एकता में शक्ति है। इस दौरान अचानक लोग हंसने लगे। एकता में शक्ति होती है, इसमें कोई दोराय नहीं। फिर लोग हंसे क्यों? हेमारामजी भी समझ नहीं पाए। दूर देखा तो कुछ लोग किसी व्यक्ति को कंधों पर उठाकर सभास्थल की ओर बढ़ रहे थे। व्यक्ति नेता की तरह हाथ हिलाकर अभिवादन कर रहा था। लोगों से समझा कि कोई बड़ा नेता सपोर्ट करने आ रहा है। नजदीक आने पर पता चला कि वह तो साधारण किसान है। जिसका नाम सोनाराम है। सोनाराम ने आंदोलन के लिए हनुमान बेनीवाल को बुलाने की डिमांड की थी। इसीलिए युवा उन्हें कंधों पर उठाकर ले आए थे। सोनाराम को इस तरह आता देख हेमाराम भी अपनी हंसी रोक नहीं पाए। बोले- सोनाराम के मजे हो गए। 2. किरोड़ी के डांस में ‘माननीय’ की खलल सवाई माधोपुर 263 साल का हो गया। इस उपलक्ष में जश्न मनाया गया। गायक कैलाश खेर को बुलाया गया। कैलाश ने ‘बम लहरी’ गाकर लोगों के गण जगा दिए। गीत-संगीत का ऐसा समां बंधा कि कलेक्टर कानाराम नाचे। एसपी अनिल कुमार नाचे। जिला परिषद के सीईओ और पर्यटन विभाग के सहायक निदेशक खूब थिरके। कार्यक्रम के अंत में कृषि मंत्रीजी ने मंच संभाल लिया। आतिशबाजी होने लगी। किरोड़ी बाबा ने जनता से पूछा कि मजा आया? जनता ने हुंकारा भरा। इसके बाद डांस की बारी आई किरोड़ी बाबा और उनके समर्थकों को। बाबा चिर-परिचित अंदाज में डांस कर रहे थे। सहयोगी भी नाच रहे थे। जनता अपने आसन पर ही नाच रही थी। इस बीच एक ‘माननीय’ को ऐसा खुमार चढ़ा कि वे बेकाबू होने लगे। शर्ट के बटन खुल गए। अपने ही लोगों पर घुटना डांस का प्रयोग करने लगे। सहयोगी जान बचाकर छुपने लगे। एकाध ने ‘माननीय’ के सिर पर तबला भी बजाया। लेकिन कोई असर नहीं। इस भाग-दौड़ के कारण किरोड़ी बाबा के डांस में खलल पड़ी। उनका ध्यान गया। उन्होंने ‘समर्थक’ को इशारा किया और ‘माननीय समर्थक’ उनके सामने हाथ जोड़कर मंच पर ही धड़ाम। 3. पैरों से गूंथ दिया फीणी का आटा फीणी एक खास तरह की मिठाई है। जयपुर जोधपुर में खास मौकों पर यह खूब खाई जाती है। शुभ और मांगलिक अवसरों पर एक-दूसरे को बांटी जाती है। त्योहारी सीजन में मांग बढ़ जाती है। जोधपुर में भी फीणी की भारी डिमांड। हलवाइयों पर कम समय में अधिक प्रोडक्शन का प्रेशर। लेकिन इसका ये मतलब तो नहीं कि पैरों से ही आटा गूंथ दिया जाए। खाने की चीज है। पैरों से बनी चीज को कोई कैसे खाएगा? लेकिन जालोरी गेट के एक मिठाई गोदाम में ग्राहकों की परवाह किए बिना हलवाई फीणी के आटे को गूंथने के लिए नंगे पैर लेकर उस पर चढ़ गया। हलवाई को पता नहीं कि उसके पीछे छत पर एक कैमरा उसे ताक रहा है। वह मजे से मैदा को गूंथे जा रहा। वीडियो बनाने वाले ने सोशल मीडिया पर शेयर किया तो हड़कंप मच गया। बात स्वास्थ्य भवन तक पहुंच गई। हेल्थ टीम अलर्ट हुई। मौके पर पहुंचे तो 110 किलो फीणी तैयार हो चुकी थी। टीम ने सारी मिठाई फिंकवा दी। अब फर्म पर कार्रवाई करने के लिए रिपोर्ट आने का इंतजार है। 4. चलते-चलते.. राजस्थानी गीत-संगीत की बात ही अलग है। यहां के सुरीले लोक गायक को बाड़मेर के इस्माइल लंगा ने नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया है। इस्माइल और उनकी पार्टी ने खूब नाम कमाया। देश-विदेश में राजस्थानी लोक गायक को पहुंचाने और लोकप्रिय बनाने में लंगा पार्टी का विशेष योगदान है। जहां-जहां राजस्थानी बसे हुए हैं, इस्माइल और उनके साथियों की मांग भी रहती है। लंगा पार्टी की खास बात यह है कि वे अपने संगीत के साथ नवाचार करते रहते हैं। अब सिर्फ ‘पधारो म्हारे देस’ ही नहीं, बल्कि राजस्थानी धुन में गाये फिल्मी गीतों को भी खूब पसंद किया जा रहा है। इस्माइल लंगा ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट से एक वीडियो शेयर किया। बस में सफर करते हुए वे और उनकी पार्टी पॉप सिंगर शकीरा का गीत ‘वाका-वाका’ देसी अंदाज में गा रहे हैं। वाका-वाका का राजस्थानी वर्जन लोगों को दिलचस्प लग रहा है। (इनपुट सहयोग- विजय कुमार (बाड़मेर), अरविंद सिंह (जोधपुर)।) वीडियो देखने के लिए सबसे ऊपर फोटो पर क्लिक करें। अब कल मुलाकात होगी…
