पंजाब विधानसभा के स्पीकर कुलतार सिंह संधवां ने पर्यावरण के लगातार हो रहे विनाश को मानव अस्तित्व के लिए एक गंभीर खतरा बताया है। उन्होंने देश के जल स्रोतों को प्रदूषण से बचाने के लिए जनता से एकजुट होने की पुरजोर अपील की। यह बात उन्होंने सुल्तानपुर लोधी में आयोजित पवित्र काली बेईं की कार सेवा की 26वीं वर्षगांठ के समापन समारोह के दौरान एक विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए कही। स्पीकर कुलतार सिंह संधवां ने कहा कि पानी और अन्य प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण केवल हमारी पर्यावरणीय जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के प्रति हमारा नैतिक कर्तव्य भी है। गिरते भूजल स्तर और प्रदूषित होते जल स्रोतों पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए उन्होंने पर्यावरण को नुकसान पहुँचाने वालों को कड़ा संदेश दिया। स्पीकर कुलतार सिंह संधवां ने कहा कि जो लोग पानी को प्रदूषित करते हैं, वे वास्तव में मानवता के दुश्मन हैं, क्योंकि पानी प्रकृति की मूल जीवनदायिनी शक्ति है। उद्योगों द्वारा पानी को जहरीला होने से बचाने के लिए ‘जीरो लिक्विड डिस्चार्ज’ (ZLD) तकनीक को अनिवार्य रूप से अपनाना चाहिए, ताकि बिना ट्रीटमेंट के गंदा पानी नदियों और नालों में न बहे। संत सीचेवाल के जन-आंदोलन की सराहना; बुड्ढे दरिया की भी बदलेगी तस्वीर समारोह के दौरान स्पीकर ने राज्यसभा सदस्य संत बलबीर सिंह सीचेवाल के नेतृत्व में पवित्र काली बेईं के ऐतिहासिक और सफल पुनरुद्धार की जमकर सराहना की। उन्होंने इसे दुनिया में पर्यावरण संरक्षण के लिए जनभागीदारी का सबसे अनूठा और प्रेरणादायक उदाहरण बताया। उन्होंने पूर्ण विश्वास जताया कि लुधियाना का ऐतिहासिक ‘बुड्ढा दरिया’ भी निरंतर हो रहे प्रयासों और इसी सीचेवाल मॉडल के जरिए जल्द ही पवित्र काली बेईं की तरह पूरी तरह स्वच्छ और प्रदूषण मुक्त हो जाएगा। गुरबाणी की सीख: “पवनु गुरु पानी पिता माता धरति महतु” — मंत्री गुरमीत सिंह खुड्डियां इस अवसर पर उपस्थित पंजाब के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री गुरमीत सिंह खुड्डियां ने गुरबाणी के पवित्र श्लोक का हवाला देते हुए कहा कि हमारे गुरु साहिबान ने वायु को गुरु, पानी को पिता और धरती को महान माता का आदरणीय दर्जा दिया है। यह सीख प्रकृति और मनुष्य के अटूट संबंध को दर्शाती है। उन्होंने दुख व्यक्त किया कि इंसान इस जिम्मेदारी को निभाने में असफल रहा है, लेकिन अब समय आ गया है कि हम सामूहिक संकल्प लेकर पंजाब के प्राचीन गौरव और प्राकृतिक सुंदरता को बहाल करें। पंजाब सरकार की बड़ी उपलब्धि: नहरी पानी का 80% हिस्सा सिंचाई के लिए उपयोग कैबिनेट मंत्री गुरमीत सिंह खुड्डियां ने मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार की एक ऐतिहासिक उपलब्धि साझा की। उन्होंने बताया कि सरकारी प्रयासों से पंजाब अब अपने उपलब्ध नहरी पानी का 80 प्रतिशत हिस्सा सिंचाई के लिए सीधे खेतों तक पहुंचाने में सफल रहा है। इससे खेतों में भूजल (ट्यूबवेल) पर निर्भरता काफी कम हुई है, जो गिरते वाटर टेबल को बचाने में मील का पत्थर साबित होगा।
“जनभागीदारी से काली बेईं का प्रदूषित पानी हुआ पीने योग्य” — मंत्री डॉ. रवजोत सिंह पंजाब के जेल एवं एनआरआई मामलों के मंत्री डॉ. रवजोत सिंह ने संत सीचेवाल और उनके सेवादारों की अथक मेहनत को नमन किया। उन्होंने कहा कि कभी अत्यधिक प्रदूषित हो चुकी पवित्र काली बेईं का पानी आज जनभागीदारी और निस्वार्थ सेवा के बल पर आचमन और स्नान के योग्य स्वच्छ बन चुका है। उन्होंने कहा कि भावी पीढ़ियों के स्वस्थ जीवन के लिए पर्यावरण की रक्षा करना हर नागरिक का सामूहिक कर्तव्य है। संत बलबीर सिंह सीचेवाल ने पर्यावरण आंदोलन को जन-आंदोलन बनाने की अपील की अपने संबोधन में प्रसिद्ध पर्यावरणविद् और राज्यसभा सांसद संत बलबीर सिंह सीचेवाल ने पंजाब विधानसभा के स्पीकर कुलतार सिंह संधवां, उपस्थित मंत्रियों, देश-विदेश से आए पर्यावरण प्रेमियों और हजारों स्वयंसेवकों का धन्यवाद किया। उन्होंने भावुक होते हुए कहा कि काली बेईं का पुनरुद्धार केवल परमात्मा की असीम कृपा, निस्वार्थ कार सेवा और संगत के अटूट सहयोग से ही संभव हो पाया है। उन्होंने सभी नागरिकों, औद्योगिक घरानों और सामाजिक संस्थाओं से पर्यावरण-अनुकूल जीवनशैली अपनाने और नदियों-जंगलों को बचाने के लिए इसे एक जन-आंदोलन का रूप देने की अपील की। समारोह के दौरान आम आदमी पार्टी के सुल्तानपुर लोधी से वरिष्ठ हलका इंचार्ज सज्जन सिंह चीमा, एसडीएम जसजीत सिंह सहित कई प्रमुख प्रशासनिक अधिकारी, पर्यावरण प्रेमी, राजनीतिक हस्तियां और भारी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।