बिना नंबरी स्कॉर्पियो से मणिपुर से स्मैक मध्य प्रदेश सप्लाई करने जा रहे 2 तस्करों को पुलिस ने पकड़ा है। तस्करों ने स्मैक गाड़ी के आगे वाले गेट में प्लास्टिक बैग में 19 पैकेटों में छिपाई हुई थी। AGTF और SOG को इनपुट था कि गाड़ी राजस्थान में आ गई है और एमपी की ओर निकल रही है। ऐसे में जयपुर से ही AGTF और SOG इनके पीछे लग गई। इसके बाद नाकाबंदी कर स्कॉर्पियो रुकवाई और ड्रग्स मिलते ही दोनों को गिरफ्तार किया। पकड़ी गई ड्रग्स की कीमत करीब 15 करोड़ आंकी गई है। मामला दौसा के मेहंदीपुर बालाजी थाना इलाके का है। एसपी सागर राणा ने बताया- मामले में प्रकाश कुमार निवासी सारणों की ढाणी करावडी पुलिस थाना झाव और प्रकाश कुमार निवासी मोखातरा सेवाड़ा पुलिस थाना करडा जिला जालोर को गिरफ्तार किया है। साथ ही 10 किलो 696 अवैध मादक पदार्थ स्मैक और तस्करी में काम ली जा रही बिना नंबरी स्कॉर्पियो को जब्त किया है। एसपी ने बताया- ये कार्रवाई दौसा पुलिस, एंटी गैंगस्टर टॉस्क फोर्स (एजीटीएफ), स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) और एटीएस की टीम ने संयुक्त रूप से की। स्कॉर्पियो से ड्रग तस्करी का इनपुट था एसपी सागर राणा ने बताया- देर रात एक सफेद रंग की स्कॉर्पियो से मादक पदार्थ की तस्करी होने का इनपुट मिला था। इसके बाद DSP मनोहर लाल मीणा और बालाजी थाना इंचार्ज गौरव प्रधान की टीम ने मेहंदीपुर बालाजी के NH 21 पर खेड़ा पहाड़पुर गांव के पास नाकाबंदी की। SUV के गेट में छिपाई थी स्मैक इसी दौरान सफ़ेद रंग की स्कॉर्पियो आती नजर आई। उसे रुकवा कर पूछताछ की तो गड़बड़ नजर आई। इसके बाद कार तलाशी लेने पर साइड गेट के प्लास्टिक कवर में अवैध मादक पदार्थ के 19 पैकेट छिपे हुए मिले। जिनका कुल वजन 10 किलो 696 ग्राम था। एमपी के तस्कर को सप्लाई होनी थी एसपी ने बताया कि गिरफ्तार किए गए तस्कर नॉर्थ ईस्ट राज्य मणिपुर से अवैध मादक पदार्थ स्मैक लाकर मध्य प्रदेश में किसी तस्कर को सप्लाई करने वाले थे। इससे पहले ही पुलिस टीम ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया। पकड़े गए दोनों आरोपियों के पूर्व में भी तस्करी से जुड़े होने की जानकारी मिली है। फिलहाल आरोपियों से गहन पूछताछ कर जानकारी जुटाई जा रही है। आगे कई अहम खुलासे होने की संभावना है। NDPS एक्ट में मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई है।