डूंगरपुर शहर के पातेला में सेंट पोल स्कूल के हॉस्टल में स्वास्थ्य और शिक्षा विभाग की टीम ने जॉइंट कार्रवाई की। जांच में हॉस्टल में 2 छात्राएं समेत 8 बच्चे गंभीर बीमार मिले। बीमार बच्चों को जिला अस्पताल के लिए रेफर कर दिया। वहीं दूसरे बच्चों के स्वास्थ्य की जांच के लिए कैंप लगाया। हॉस्टल में कमरों से लेकर सब जगह गंदगी मिली। खाने की प्लेटों में फंगस मिला। खाने के लिए पौष्टिक आहार नहीं मिल रहा था। यहां तक कि हॉस्टल में लाइट की सुविधा भी नहीं थी। जिस पर दोनों टीमों ने पूरी रिपोर्ट प्रशासन को दी है। जिस पर जांच की जा रही है। शहर के पातेला बस्ती में स्थित सेंट पोल स्कूल के हॉस्टल में अनियमितताओं की शिकायत प्रशासन की टीम जांच के लिए पहुंची। मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी रणछोड़लाल डामोर, अतिरिक्त जिला शिक्षा अधिकारी अमृतलाल यादव, स्वास्थ्य विभाग से ब्लॉक सीएमएचओ डॉ. राहुल जैन, डीपीएम डॉ. मनीष शर्मा की टीम ने हॉस्टल की जांच की। हॉस्टल में कई जगह गंदगी के ढेर मिले। हॉस्टल के बिस्तर से लेकर कमरों में फंगस मिला। जिससे बच्चे बीमार हो रहे थे। हॉस्टल में लाइट की सुविधा भी नहीं थी और ना ही पंखे लगे हुए थे। हॉस्टल के अंदर एक कमरे में कई बच्चों को डबल डेकर बेड पर रहने का इंतजाम था। जांच के दौरान 2 छात्राएं और 8 छात्र गंभीर हालत में बीमार मिले। बच्चे बिस्तर में रजाई ओढ़कर सोए हुए थे और बुखार से तप रहे थे। जिस पर ब्लॉक सीएमएचओ ने उनकी जांच कर तुरंत जिला अस्पताल के लिए रेफर कर दिया। वहीं दूसरे बच्चों की स्वास्थ्य जांच के लिए कैंप लगाया। इस दौरान सभी बच्चों की स्वास्थ्य जांच कर उन्हें दवाइयां भी दी गई। टीम ने हॉस्टल के किचन का निरीक्षण किया। किचन में भी गंदगी के हाल मिले। भोजन सामग्री में मरा हुआ चूहा पाया गया। वहीं बच्चों ने कीड़े वाला खाना देने की शिकायत की। वहीं प्लेटें और अन्य बर्तन गंदे थे। प्लेटों में फंगस लगा मिला। जिस पर स्वास्थ्य विभाग की ओर से खाने की सैंपलिंग करवाई जा रही है। वहीं संक्रमण और बीमारियां फैलने का खतरा था। वहीं टंकी में पानी गंदा और सड़ा गला होने से बदबू आ रही थी। काई की वजह से पूरा पानी हरा हो गया था। हॉस्टल परिसर में कूड़ा करकट बना हुआ था। किसी भी जगह सफाई के कोई इंतजाम नहीं मिले। जिस पर टीम ने स्कूल प्रिंसिपल और हॉस्टल वार्डन को बुलाकर सभी व्यस्थाएं सही करने के लिए पाबंद किया। बच्चों से मारपीट की शिकायत
हॉस्टल के छात्रों ने उसके साथ मारपीट की भी शिकायत की। छात्रों ने अपने पैर और हाथों पर घांव बताते हुए कहा कि उन्हें डंडों से मारा जाता है। जिस पर कोतवाली सीआई शैलेंद्र सिंह और सीडब्लूसी की टीम को भी बुलाया गया। वहीं जानकारी पर एसडीएम भी मौके पर पहुंचे और बच्चों से बातचीत कर अवस्थाओं पर नाराजगी जताई।
