बूंदी में बदमाश एक बुजुर्ग को घर से उठाकर 5 किलोमीटर दूर ले गए और सोने-चांदी के गहने लूटकर हत्या कर दी। दोपहर में बुजुर्ग का शव मांगली नदी में मिला। परिजनों और ग्रामीणों ने नमाना-बूंदी रोड पर शव रखकर धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया। उन्होंने हत्यारों को फांसी देने, परिजनों को 50 लाख रुपए मुआवजा, परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की मांग रखी और शव का अंतिम संस्कार करने से मना कर दिया। शाम करीब 5 बजे मांगों पर सहमति बन गई और ग्रामीणों ने प्रदर्शन खत्म कर दिया। मामला नमाना थाना क्षेत्र के जवाहर नगर गांव का है। रात को घर के बाहर सो रहे थे बुजुर्ग
थानाधिकारी माया बैरवा ने बताया- किशन गोपाल बैरवा (60) निवासी जवाहर नगर गांव रोजाना की तरह शुक्रवार रात को घर के बाहर टिन शेड के नीचे सो रहे थे। रात को आए बदमाश उनको घर से उठाकर करीब 5 किलोमीटर दूर करर्जुना गांव के श्मशान घाट के पास ले गए। यहां बदमाशों ने बुजुर्ग के कानों में पहनी सोने की मुरकियां, गले में पहनी राउत (हंसली) और हाथों में पहने आधा किलो चांदी के कड़े लूट लिए और हत्या कर दी। इसके बाद शव को श्मशान घाट के पास बह रही मांगली नदी में फेंक दिया। ग्रामीणों ने नमाना-बूंदी रोड पर लगाया जाम
थानाधिकारी ने बताया- सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को मांगली नदी से बाहर निकाला। इसके बाद परिजनों और ग्रामीणों ने शव को करर्जुना में सड़क पर रखकर नमाना-बूंदी रोड पर धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया। ग्रामीणों ने हत्यारों को फांसी देने, मृतक के परिजनों को 50 लाख रुपए मुआवजा और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की मांग करने लगे। सूचना पर बूंदी से तहसीलदार अर्जुन मीणा, SDM लक्ष्मीकांत मीणा और डीएसपी मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों से बातचीत की। मांगों पर सहमति के बाद शाम 5 बजे प्रदर्शन खत्म हो गया। 5 लाख रुपए सहायता और संविदा नौकरी पर बनी सहमति
एसडीएम लक्ष्मीकांत मीणा ने बताया- सरकार की योजना के तहत मृतक के परिवार को 5 लाख रुपए आर्थिक सहायता, एक परिजन को संविदा पर नौकरी और 20 लाख की सहायता का प्रस्ताव को सरकार भेजने पर सहमति बनी। इसके बाद परिजन शव का अंतिम संस्कार करने पर राजी हो गए। चाय लेकर गया तो पिता नहीं मिले
गोपाल बैरवा के बेटे रंजीत ने बताया- शनिवार सुबह उठने के बाद पिता के लिए चाय लेकर टिन शेड में गया तो वह नहीं मिले। इसके बाद आसपास तलाश की, लेकिन उनकी कोई जानकारी नहीं मिली। इस पर नमाना थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। कुछ देर बाद सूचना मिली कि नदी में एक शव पड़ा है। मौके पर पहुंचे तो पिता का शव था। शव से गायब थे सोने-चांदी के गहने
सरपंच सुरेश मीणा ने बताया- किशन गोपाल सोने-चांदी के आभूषण पहनकर रहता था। दोनों हाथों में चांदी के कडूले, कानों में सोने की मुरकी और गले में सोने का वजनी राउत (हंसली) उसकी पहचान का हिस्सा थे, लेकिन शव मिलने के समय ये सभी गहने गायब थे। इससे ये शक गहरा गया कि बदमाशों ने आभूषणों की लूट के इरादे से ही किशन का अपहरण कर उसकी हत्या की है।
