मेवाड़ के प्रसिद्ध धाम गढ़बोर स्थित चारभुजा नाथ मंदिर में फागोत्सव चल रहा है। जहां एक ओर पुष्टिमार्गीय मंदिरों में धुलेंडी के बाद गुलाल-अबीर की सेवा को विराम दिया जाता है, वहीं चारभुजा नाथ और सेवंत्री स्थित रूपनारायण जी मंदिर में होली के बाद फागोत्सव की शुरुआत होती है। 3 राज्यों से आते हैं श्रद्धालु यहां करीब 15 से 16 दिनों तक चलने वाले इस उत्सव में राजस्थान सहित गुजरात, महाराष्ट्र और मध्यप्रदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। श्रद्धालु ठाकुरजी के साथ गुलाल-अबीर खेलते हुए भक्ति और आस्था के रंग में सराबोर नजर आते हैं। सोने के झूले में विराजते हैं ठाकुर जी प्रतिदिन दोपहर बाद ठाकुरजी को मंदिर से बाहर सोने के झूले में विराजित कर विशेष श्रृंगार किया जाता है। पुजारी परिवार झूले के दोनों ओर खड़े होकर हरजस गान करते हैं, वहीं श्रद्धालु गुलाल उड़ाकर उत्सव का आनंद लेते हैं। रात्रि के समय मंदिर चैक में मेवाड़ी वेशभूषा में पारंपरिक गेर नृत्य किया जाता है, जिसमें युवा, बच्चे और बुजुर्ग सभी उत्साह से भाग लेते हैं। 18 मार्च को चारभुजा नाथ मंदिर और 19 मार्च को रूपनारायण जी मंदिर में फागोत्सव का समापन होगा। तस्वीरों में देखे फागोत्सव का माहौल…
