ब्यावर में सेवानिवृत्त शिक्षकों ने एक शैक्षिक सम्मेलन का आयोजन किया। इस दौरान शिक्षण व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने और विद्यार्थियों के गुणात्मक विकास पर विस्तृत चर्चा की गई। कार्यक्रम की अध्यक्षता सेवानिवृत्त प्रधानाध्यापक गुलाम सरवर ने की। सम्मेलन में हेमन्त दीक्षित, बालूसिंह गहलोत, ओमसिंह जवाजा और छोटूलाल कुमावत जैसे सेवानिवृत्त शिक्षकों ने वर्तमान शैक्षिक परिप्रेक्ष्य में शिक्षकों की समस्याओं और उनके समाधान पर विचार रखे। वक्ताओं ने विद्यालयों में सेवानिवृत्त शिक्षकों की भूमिका को मार्गदर्शन, परीक्षा उन्नयन, अभिभावक-अध्यापक समिति में सहभागिता और अतिरिक्त कक्षा शिक्षण में महत्वपूर्ण बताया। सभा में सुझाव दिया गया कि स्थानीय वार्ड के सेवानिवृत्त शिक्षकों को अध्यापक-अभिभावक समिति में अनिवार्य रूप से शामिल किया जाए। साथ ही, प्रत्येक शनिवार को आयोजित होने वाले विशेष कार्यक्रमों में उनकी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाए। वक्ताओं ने राज्य सरकार से इन सुझावों को नीति स्तर पर लागू करने की मांग की। कार्यक्रम के अंतिम चरण में राधेश्याम शर्मा, मांगीलाल शर्मा, सत्यनारायण सांखला, भंवरलाल पलासिया और कूप सिंह ने भी अपने विचार साझा किए। उन्होंने मूल्यांकन प्रणाली में बदलाव करने और छात्र-छात्राओं की न्यूनतम 80% उपस्थिति अनिवार्य करने की सिफारिश की। अंत में सत्यनारायण सांखला ने सभी आगंतुकों का आभार व्यक्त किया और आगामी समापन दिवस पर सभी की उपस्थिति का आग्रह किया।