पुजारी सेवक महासंघ का द्वितीय प्रांतीय महाधिवेशन शुक्रवार को सीकर के खाटूश्यामजी स्थित जयपुर वालों की धर्मशाला में हुआ। महाधिवेशन में राजस्थान सहित देश के विभिन्न हिस्सों से आए एक हजार से अधिक मंदिर के पुजारियों ने हिस्सा लिया। इसमें पुजारियों ने 13 सूत्री मांगों को लेकर सरकार को आंदोलन की चेतावनी दी। अधिवेशन में पुजारियों ने कहा यदि मांगें पूरी नहीं हुई तो आंदोलन किया जाएगा। महाधिवेशन में अखिल भारतीय पुजारी महा संघ, उज्जैन के अध्यक्ष महेश पुजारी ने कहा- यह देश का दुर्भाग्य है कि सनातनी सरकार पुजारियों और मंदिरों की मांगों को अनदेखा कर रही है। पिछली गैर-सनातनी सरकारों ने पुजारियों को कभी परेशान नहीं किया, लेकिन वर्तमान सनातनी सरकार पुजारी समाज की जमीन छीनने का काम कर रही है। 13 सूत्रीय मांगें रखी गईं पुजारी सेवक महा संघ के प्रदेशाध्यक्ष राजेंद्र शर्मा ने कहा कि सरकार के सामने 13 सूत्रीय मांगें रखी गई हैं, लेकिन इन पर कोई अमल नहीं हो रहा। उन्होंने चेतावनी दी कि अब पुजारी महासंघ आंदोलन की राह पर चलेगा और मांगें पूरी न होने पर आर-पार की लड़ाई लड़ी जाएगी। महाधिवेशन में उठीं 13 सूत्री मांग पुजारियों ने सरकार को दी आंदोलन की चेतावनी कार्यक्रम संयोजक मोहनदास चौहान ने कहा कि अधिवेशन के माध्यम से पुजारी समाज अपनी मांगों को सरकार तक पहुंचा रहा है। सरकार को पुजारियों की समस्याओं का समाधान करना चाहिए, वरना हम मजबूरन आंदोलन करेंगे। अधिवेशन में श्रीजी मंदिर किशनगढ़ के जुगल किशोर, पलसाना महंत मनोहर शरण शास्त्री, रतनलाल शर्मा, राजेश इंदोरिया, गिर्राज माटोलिया, अशोक मिश्रा, बंशीधर शर्मा सहित कई प्रमुख पुजारी मौजूद रहे।