सीकर जिले की कूदन ग्राम पंचायत में ई-मित्र ऑपरेटर ने फर्जी साइन करके इनकम सर्टिफिकेट बनाने का मुकदमा दर्ज हुआ है। आरोप है कि ई-मित्र ऑपरेटर ने वर्तमान प्रशासक (सरपंच) और एक रिटायर्ड स्कूल प्रिंसिपल के फर्जी साइन और मुहर लगाकर इनकम सर्टिफिकेट बना लिया। इस संबंध में दादिया थाना इंचार्ज को लिखित शिकायत सौंपकर कार्रवाई की मांग की गई है। दादिया थाने में दर्ज रिपोर्ट के अनुसार, कूदन ग्राम पंचायत में रामप्यारी देवी अभी प्रशासक (सरपंच) के पद पर हैं। आरोप है कि गांव के ही ‘सृष्टि ई-मित्र’ ऑपरेटर अशोक कुमार ने ओमप्रकाश नामक व्यक्ति के इनकम सर्टिफिकेट पर सरपंच वाली पुरानी और अवैध मुहर लगाकर फर्जी हस्ताक्षर कर लिए। गौरतलब है कि 6 अक्टूबर 2025 के बाद से राज्य सरकार ने सरपंचों को प्रशासक नियुक्त किया था, जिसके बाद केवल ‘प्रशासक’ की मुहर ही वैलिड है। रिपोर्ट के अनुसार आरोपी ई-मित्र ऑपरेटर ने डॉक्यूमेंट्स अटेस्टेड करने के लिए राजपत्रित अधिकारी के रूप में रिटायर्ड लेक्चरर मदन लाल के नाम की मुहर का उपयोग किया। जबकि मदन लाल जनवरी 2025 में प्रमोट होकर प्रिंसीपल बन गए और डीडवाना में कार्यरत थे। मदन लाल मई 2024 में एक सड़क दुर्घटना के बाद लंबे समय तक कोमा में रहे और वर्तमान में भी उनका इलाज चल रहा है। वे 28 फरवरी 2026 को रिटायर हो चुके हैं। इस फर्जीवाड़े का खुलासा तब हुआ जब 8 दिसंबर 2025 को ग्राम विकास अधिकारी (VDO) वीरेंद्र तंवर के पास जन आधार अटेस्टेड करवाने के लिए ओमप्रकाश के दस्तावेज पहुंचे। संदेह होने पर जब VDO वीरेंद्र तंवर ने वेरिफिकेशन किया, तो सरपंच और राजपत्रित अधिकारी दोनों के हस्ताक्षर फर्जी पाए गए। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

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