मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राज्य सरकार की ओर से युवाओं को सरकारी नौकरी के साथ ही निजी क्षेत्र में रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए जा रहे हैं। प्रदेश के युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए भी कई योजनाएं संचालित की जा रही हैं। इस क्रम में हाल ही में राज्य सरकार की ओर से एक और नई योजना मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना लागू की गई है। उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव (एसीएस) शिखर अग्रवाल ने बताया कि मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना के लिए आवेदन की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इस योजना का लाभ लेने के लिए प्रदेश के युवा स्वयं की एसएसओ आईडी व ई-मित्र के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। मुख्यमंत्री ने 12 जनवरी को इस योजना का शुभारंभ किया था। उद्योग एवं वाणिज्य विभाग ने त्वरित गति से कार्य करते हुए 15 जनवरी को इसकी विस्तृत गाइडलाइन जारी कर दी थी। योजना के शुभारंभ के 10 दिन बाद ही आवेदन की प्रक्रिया शुरू हो गई है। सभी जिला महाप्रबंधकों को इस योजना के व्यापक प्रचार-प्रसार करते हुए अधिक से अधिक युवाओं को लाभान्वित करने के निर्देश दिए गए हैं। अग्रवाल ने बताया कि योजना का उद्देश्य प्रदेश के एक लाख युवाओं को स्वयं का उद्योग स्थापित करने में आर्थिक सहायता प्रदान करना है। इसके तहत विनिर्माण, सेवा एवं व्यापार सेक्टर में सूक्ष्म उद्यमों की स्थापना के लिए 10 लाख रुपए तक का ब्याज मुक्त ऋण उपलब्ध कराया जाएगा। राज्य सरकार की ओर से शत प्रतिशत ब्याज का पुनर्भरण किया जाएगा। साथ ही 50 हजार रुपए तक की मार्जिन मनी और सीजीटीएमएसई (सूक्ष्म और लघु उद्यम क्रेडिट गारंटी फंड ट्रस्ट) शुल्क के पुनर्भरण का भी प्रावधान किया गया है। योजना के तहत यह लाभ देय होगा
8वीं से 12वी कक्षा उत्तीर्ण आवेदकों को सेवा एवं व्यापार क्षेत्र के लिए 3.5 लाख रुपए एवं मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर के लिए 7.5 लाख रुपए तक का ब्याज मुक्त ऋण उपलब्ध कराया जाएगा। साथ ही अधिकतम 35 हजार रुपए की मार्जिन मनी भी दी जाएगी। स्नातक, आईटीआई व अधिक शैक्षणिक योग्यता वाले आवेदकों को सेवा एवं व्यापार क्षेत्र के लिए 5 लाख रुपए तथा मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर के लिए 10 लाख रुपए तक का ब्याज मुक्त ऋण उपलब्ध कराया जाएगा। साथ ही 50 हजार रुपए तक की मार्जिन मनी भी दी जाएगी।