प्रदेश में आईएएस चयन में इस बार ओबीसी के अभ्यर्थियों ने अच्छी छलांग लगाई है। प्रदेश में इस बार 21 युवाओं को आईएएस की रैंक मिली है, इनमें से 10 युवा ओबीसी से हैं। 21 में से 7 महिलाएं आईएएस बनीं है, सभी को दूसरे राज्यों का कैडर मिला है। हालांकि, देशभर में आईएएस में सामान्य श्रेणी के युवाओं को सबसे अधिक जगह मिली है। कुल 179 आईएएस में से सामान्य श्रेणी के 84 युवा हैं। वहीं, ओबीसी से 57, एससी से 25 और एसटी से 13 युवाओं को आईएएस में स्थान मिला है। उधर, प्रदेश से चयनित 21 युवाओं में से 10 ओबीसी, सामान्य से 5, एससी से 2 और एसटी से 4 को आईएएस में जगह मिली है। आईएएस बनी सात महिलाओं में सामान्य और एससी से एक-एक और पांच ओबीसी से हैं। आंकड़ों के लिहाज से आईएएस अधिकारी बनने की होड़ में इस बार राजस्थान का प्रदर्शन पिछले साल की तुलना में थोड़ा कमजोर ही रहा। यूपीएससी के सिविल सेवा परीक्षा-2024 में चयनित अभ्यर्थियों में से 179 अधिकारियों को आईएएस की रैक दी गई है। इसमें राजस्थान के 21 युवा शामिल हैं। पिछले साल यानी यूपीएससी- 2023 में 23 युवाओं को आईएएस की रैक मिली थी। चयनित 21 आईएएस में राजस्थान से 7 महिलाएं
प्रदेश में 21 आईएएस अधिकारियों में से दो को ही गृह राज्य का कैडर मिला है। इसमें उत्कर्ष यादव और उमेश कुमार मीना शामिल हैं। बाकी 19 अधिकारियों को दूसरे राज्यों में लगाया गया है। इनमें त्रिलोक सिंह, अंजू, नरेश गोयल, हरिओम पंड्या, सिद्धार्थ पोखरना, रेखा सियाक, अपूर्वा सिंह, रामभरोस सहारण, पियूष घटला, जितेंद्र कुमार, प्रज्ञा सैनी, जितेंद्र कुमावत, ज्योति, ममता, टीना कल्याण, अमित मीना, अभिषेक और दिव्यांश शामिल हैं। कैडर बदल सकते हैं?
आईएएस कैडर बदलने का अधिकार केंद्र के पास सुरक्षित है। वह राज्य सरकार के परामर्श से तबादला दूसरे राज्य में कर सकती हैं। इसमें विवाह या फिर अत्यधिक कठिनाई के आधार हो सकते हैं। प्रदेश में IAS की कमी
प्रदेश में 332 आईएएस का कैडर है, 278 पद भरे हैं। 23 केंद्रीय प्रतिनियुक्ति, दो इंट्रा स्टेट, 1 आईएएस इंटर स्टेट प्रतिनियुक्ति पर हैं। इस लिहाज से प्रदेश में फील्ड पोस्टिंग के लिए 250 ही अधिकारी रह गए हैं।
