सिरोही जिले की शिवगंज तहसील के छीबा गांव में सावलाजी मंदिर की भूमि पर कथित अतिक्रमण और पुलिस की एकतरफा कार्रवाई के विरोध में सोमवार को हजारों लोगों ने महापड़ाव किया। राजपूत समाज सहित विभिन्न समाजों के लोग कलेक्ट्रेट पहुंचे और मुख्यमंत्री के नाम अतिरिक्त कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर मंदिर भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने, झूठे मुकदमे हटाने तथा दोषियों के खिलाफ निष्पक्ष कार्रवाई की मांग की। राम झरोखा मैदान से निकला महाजुलूस सोमवार सुबह करीब 9:30 बजे से राजपूत समाज के नेतृत्व में लोग राम झरोखा मैदान में जुटने लगे। विभिन्न समाजों के प्रतिनिधियों ने सभा को संबोधित करते हुए मामले में प्रशासन की भूमिका पर सवाल उठाए। इसके बाद हजारों लोग नारेबाजी करते हुए कलेक्ट्रेट पहुंचे और अतिरिक्त कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। तहसीलदार और पुलिस पर लगाए गंभीर आरोप ज्ञापन में आरोप लगाया गया कि यदि तहसीलदार समय रहते प्रभावी कार्रवाई करते तो विवाद इतना नहीं बढ़ता। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि मंदिर भूमि को कब्जे में लेने के बजाय कथित अतिक्रमणकारियों को कई दिनों की मोहलत दी गई। वहीं, पुलिस ने अतिक्रमणकारियों की शिकायत पर एकतरफा कार्रवाई करते हुए ग्रामीणों और मंदिर समिति के सदस्यों पर गंभीर धाराओं में मुकदमे दर्ज कर दिए, जिससे समाज में रोष है। मंदिर समिति ने बताया भूमि का इतिहास ज्ञापन के अनुसार सावलाजी मंदिर के नाम राजस्व रिकॉर्ड में भूमि दर्ज है और इसका स्वामित्व मंदिर के पास है। यह मंदिर माफी की डोली भूमि है, जिसे शिवगंज के देवड़ा जागीरदारों ने मंदिर के संचालन और आय के लिए दान किया था। सालों से मंदिर समिति ग्रामीणों के माध्यम से इस भूमि की खेती करवाती रही है। उपज से किसानों का हिस्सा देने के बाद शेष आय मंदिर के रखरखाव और धार्मिक गतिविधियों में खर्च की जाती रही। भूमि विवाद कैसे बढ़ा मंदिर समिति का आरोप है कि सोलंकी परिवार के कुछ लोगों ने पहले समिति से अनुमति लेकर खेती की, लेकिन बाद में जमीन की कीमत बढ़ने पर उस पर कब्जा करने की मंशा से अतिक्रमण शुरू कर दिया। समिति ने जब आगे खेती की अनुमति देने से इनकार किया तो विवाद बढ़ गया। ग्रामीणों का आरोप है कि भूमि खाली करने के आश्वासन के बावजूद कब्जा नहीं छोड़ा गया। देवस्थान विभाग के आदेश का भी किया उल्लेख ज्ञापन में बताया गया कि 19 मार्च 2026 को मंदिर का पंजीकरण देवस्थान विभाग में कराया गया। इसके बाद देवस्थान विभाग, जोधपुर ने उपखंड अधिकारी, विकास अधिकारी और तहसीलदार को मंदिर की खातेदारी भूमि का प्रबंधन ट्रस्ट को सौंपने तथा वर्तमान कब्जाधारियों से भूमि मुक्त कराने की कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए थे। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि इन आदेशों का प्रभावी पालन नहीं हुआ। ये प्रमुख मांगें रखीं प्रदर्शनकारियों ने ज्ञापन में सावलाजी मंदिर की भूमि को अतिक्रमण मुक्त कर ट्रस्ट को सुपुर्द करने, ग्रामीणों पर दर्ज गंभीर धाराओं वाले मुकदमों की निष्पक्ष जांच कर झूठे मामलों को हटाने, अनुसूचित जाति के अजराम भूल के साथ मारपीट के आरोपियों की गिरफ्तारी, तथा कथित अतिक्रमित भूमि पर दिए गए बिजली कनेक्शन तत्काल काटने सहित कई मांगें रखीं। जनप्रतिनिधि भी रहे मौजूद अतिरिक्त कलेक्टर को ज्ञापन सौंपने के दौरान नारायण सिंह, भारत सिंह, जगमाल राम देवासी, पूराराम मेघवाल, विक्रम सिंह, हरि सिंह, दलीप सिंह माडानी, कुलदीप सिंह, डूंगर सिंह, बाबू सिंह, जबर सिंह सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि और विभिन्न समाजों के लोग मौजूद रहे।
