जिला मुख्यालय पर स्थित सार्वजनिक निर्माण विभाग (PWD) के डाक बंगले की जमीन पर नगर परिषद द्वारा बनाई जा रही पार्किंग को लेकर विवाद गहरा गया है। राजस्थान सरकार के अतिरिक्त मुख्य सचिव (ACS) प्रवीण गुप्ता ने इस मामले में कड़ा रुख अपनाते हुए जिला कलक्टर को पत्र लिखकर काम को तुरंत प्रभाव से रुकवाने के निर्देश दिए हैं। क्या है पूरा विवाद?
दरअसल, कलेक्ट्रेट परिसर में वाहनों के बढ़ते दबाव को देखते हुए नगर परिषद झुंझुनूं ने डाक बंगले की भूमि पर पार्किंग विकसित करने की योजना बनाई थी। इसके लिए नगर परिषद ने कलेक्ट्रेट की ओर वाली गली में डाक बंगले की पुरानी बाउण्ड्रीवॉल को तोड़कर नया गेट बनाने और निर्माण कार्य शुरू कर दिया था।
मामला विभाग तक पहुंचा। विभाग का तर्क है कि यह संपत्ति 1971 से PWD के अधीन है और यहां अधिकारियों व कर्मचारियों के ठहरने के साथ-साथ अन्य सरकारी गतिविधियाँ संचालित होती हैं। ACS के पत्र की मुख्य बातें
अतिरिक्त मुख्य सचिव प्रवीण गुप्ता द्वारा जिला कलक्टर को भेजे गए पत्र में स्पष्ट किया गया है कि
खसरा नंबर 3036 में स्थित यह डाक बंगला 1971 से निर्मित है और विभाग ही इसकी देखरेख कर रहा है।
नगर परिषद द्वारा बाउण्ड्रीवॉल तोड़कर कार्य शुरू करना नियम विरुद्ध है।
परिसर में कर्मचारियों के क्वार्टर, पार्किंग शेड और दो मंजिला भवन स्थित है। किसी अन्य संस्था द्वारा यहां तोड़फोड़ करना स्वीकार्य नहीं है। पार्किंग योजना पर फिरा पानी नगर परिषद द्वारा कलेक्ट्रेट के पीछे वाली गली में मुख्य गेट बनाकर पार्किंग की जो सुविधा दी जा रही थी, उस पर अब संशय के बादल मंडरा गए हैं। PWD के कड़े विरोध और ACS के हस्तक्षेप के बाद फिलहाल मौके पर चल रहे काम को रोक दिया गया है।
ACS, PWD प्रवीण गुप्ता ने पत्र में लिखा है कि
डाक बंगला परिसर का उपयोग सरकारी दरों और बैठकों के लिए होता है। कलक्टर को निर्देशित किया गया है कि वे यथास्थिति बनाए रखें।