जयपुर पुलिस ने 50 लाख रुपए की साइबर ठगी करने वाले बदमाश को गिरफ्तार किया है। आरोपी इतना शातिर है कि तत्कालीन जयपुर कलेक्टर अंतर सिंह नेहरा को भी ठग चुका है। आरोपी के खिलाफ जयपुर शहर में लगभग 80 से 85 साइबर ठगी के मामले दर्ज हैं। साइबर ठगी से आया पैसा सीधा सटोरियों के खातों में जमा करवा देता था। आरोपी ने पूछताछ में पुलिस को बताया कि तत्कालीन कलेक्टर अंतर सिंह नेहरा को अपना मकान किराए पर देना था। ठग ने प्रोपर्टी ब्रोकर बनकर नेहरा से बात की। एक RAS अधिकारी को किराए पर मकान दिलाने का झांसा देकर नेहरा से करीब 90 हजार रुपए ठग लिए थे। अब आरोपी बैंककर्मी को फ्लैट दिलाने के नाम पर रुपए ऐंठने के मामले में पकड़ा गया है। श्याम नगर थाना सीआई दलबीर सिंह ने बताया- साइबर ठग परमिंदर सिंह उर्फ सन्नी (43) पुत्र खुशवंत सिंह निवासी भरतपुर हाल निवारू रोड (जयपुर) को गिरफ्तार किया। गौरतलब है कि जयपुर पुलिस ने बुधवार को 5 करोड़ की साइबर ठगी का खुलासा किया था। मानसरोवर, शिप्रापथ और श्याम नगर से 6 साइबर ठगों को गिरफ्तार किया गया है। इसमें साइबर ठग परमिंदर सिंह भी शामिल था। तत्कालीन जयपुर कलेक्टर को भी फंसाया था
पुलिस ने बताया कि परमिंदर सिंह उर्फ सन्नी प्रोपर्टी ब्रोकर बनकर जयपुर शहर में फ्लैट, मकान और दुकान को किराए पर दिलवाता था। न्यूज पेपर में घर और फ्लैट किराए पर देने के एड से मालिकों के मोबाइल नंबर लेता था। तत्कालीन जयपुर कलेक्टर अतर सिंह नेहरा का रिद्धि-सिद्धी चौराहे पर मकान है। 2022 में वह उसे किराए पर देना चाहते थे। जिस पर आरोपी ने किसी RAS अधिकारी का नाम लेकर उनसे बात की थी। उनके मकान के लिए किराएदार बताकर धोखाधड़ी से 90 हजार रुपए अपने अकाउंट में ट्रांसफर करवा लिए थे। इसके बाद फोन बंद कर दिया था। मामले में नेहरा ने शिप्रापथ थाने में रिपोर्ट दर्ज करवाई थी। पुलिस ने जांच करते हुए ठग को गिरफ्तार कर लिया था। उसके बाद जमानत पर बाहर आया था। बैंककर्मियों को फ्लैट दिलाने के नाम ठगा, पकड़ा गया
परिवादी विनायक कुमार जोशी निवासी ए-65 जय माता वैष्णो नगर गजसिंहपुरा,जयपुर ने 2 अप्रैल को श्याम नगर थाने में साइबर ठगी की रिपोर्ट दी थी। रिपोर्ट में बताया था कि उनके फ्लैट संख्या 512 गोल्डन लिफ, टोंक रोड को किराए पर देने के लिए 15-16 फरवरी 2025 को एक पेपर में विज्ञापन दिया था। 16 फरवरी को एक फोन आया। फोन करने वाले ने खुद को रेंट ब्रोकर कंवरपाल सिंह बताया। फ्लैट का वीडियो बनाकर अपने वॉट्सऐप पर मंगवाया। 19 फरवरी को सुबह 8.43 पर कॉल आया और कहा कि आपका फ्लैट एक्सिस बैंक में असिस्टेंट वाइस प्रेसिडेंट आशुतोष अग्रवाल को पसंद आया है। इनका ट्रांसफर अहमदाबाद से जयपुर एक्सिस बैंक की मैन ब्रांच सी स्कीम जयपुर में हुआ है। आरोपी ने विश्वास में लेकर आशुतोष से बात भी करवाई। 20 फरवरी को कंवरपाल ने कहा कि लीज एग्रीमेन्ट सीधे बैंक से 3 साल के लिए होगा, जिसका किराया 33,000/- मासिक के हिसाब से 3 साल की लीज एग्रीमेंट पर स्टाम्प ड्यूटी 36,000/- रुपए बताई। कहा कि एग्रीमेन्ट की दो प्रतियां तैयार करवाई जाएगी। जिसके बाद पीड़ित ने 36 हजार और 17668 के दो अमाउंट एडवोकेट कैलाश भाटी के अकाउंट जमा करवा दिए, इसके बाद से आरोपी ने मोबाइल बंद कर लिया। जिस पर पीड़ित ने श्याम नगर थाने में रिपोर्ट दी। पुलिस ने बुधवार को आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। अब तक 50 लाख की साइबर ठगी कर चुका
ठग परमिंदर के खिलाफ जयपुर शहर में लगभग 80 से 85 साइबर ठगी के मामले दर्ज हैं। आरोपी अब तक 50 लाख रुपए की साइबर ठगी कर चुका है। परमिंदर ऑनलाइन सट्टा खेलने का आदि है। साइबर ठगी से आया पैसा सीधा ही सटोरियों के खातों में जमा करवा देता था। आरोपी के कब्जे से 39 एटीएम कार्ड, 1 कम्प्यूटर, 6 लेपटॉप, 15 मोबाइल एवं 26 अतिरिक्त सिम कार्ड, 3 चैक बुक, 4 पासबुक,5 पेमेंट स्कैनर, 2 वाईफाई कैमरा, 3 वाईफाई मोडेम के साथ-साथ 4 लाख 56 हजार रुपए बरामद किए गए है। 33 हजार लोगों से 22 करोड़ ठगने वाले पति-पत्नी दिल्ली से गिरफ्तार 33 हजार लोगों को झांसे में लेकर 22 करोड़ की ठगी करने वाले पति-पत्नी को दौसा पुलिस ने दिल्ली से गिरफ्तार किया है। मामले में 4 आरोपी अब भी फरार है। 6 लोगों ने मिलकर 15 साल पहले चिटफंड कंपनियां बनाई और प्लॉट काटे थे। इसमें अलग-अलग राज्यों से लोगों को प्लॉट देने के बहाने ठगा और भाग निकले। आरोपियों ने कंपनी में काम कर रहे लोगों को कार-बाइक देने का वादा कर ज्यादा से ज्यादा लोग जोड़ने का झांसा दिया। अकेले दौसा में 7 हजार लोगों से 8 करोड़ ठगे थे। दोनों नाम बदलकर किराए के मकान में फरारी काटते रहे। दोनों को पुलिस ने गुरुवार को गिरफ्तार किया है। दोनों दिल्ली के शकूरपुरा में मोबाइल शॉप चला रहे थे। (पूरी खबर पढ़ें)
