बांसवाड़ा में घर के बाहर खेल रहे 6 साल का मासूम को सांप ने डस लिया। बच्चा दर्द से चिल्लाया तो परिजन उसके पास दौड़ कर पहुंचे। इसके बाद अस्पताल लेकर भागे। जहां इलाज के लिए डॉक्टरों ने उसे रेफर कर दिया। जिला अस्पताल में इलाज के दौरान उसे मृत घोषित कर दिया गया। अपने बेटे की मौत की खबर सुन मां उसके शव से लिपट कर रोने लगी। मासूम 15 दिन पहले ही नाना के घर आया था। मामला बांसवाड़ा के गढ़ी थाना क्षेत्र के खटवाड़ा गांव में रविवार सुबह करीब 6:30 बजे की है। परिजनों के अनुसार सांप का जहर तेजी से पूरे शरीर में फैल गया था। सांप के काटने और मौत के बीच करीब डेढ़ घंटे का ही समय रहा। 15 दिन पहले नाना के घर आया था परिवार गढ़ी थानाधिकारी रमेशचंद्र ने बताया कि मृतक की पहचान 6 साल के रौनक पुत्र मुकेश मईड़ा के रूप में हुई है। रौनक का परिवार आंबापुरा थाना क्षेत्र के काला नाला का रहने वाला है। मुकेश मईड़ा करीब 15 दिन पहले अपनी पत्नी और तीन बच्चों के साथ अपने ससुराल खटवाड़ा गांव आया हुआ था। परिवार छुट्टियां बिताने के लिए यहां रुका हुआ था। माता-पिता घर में चाय बना रहे थे मृतक रौनक के पिता मुकेश ने बताया, “रविवार सुबह करीब साढ़े 6 बजे मैं और मेरी पत्नी घर के अंदर चाय बना रहे थे। इसी दौरान मेरा सबसे छोटा बेटा रौनक घर के बाहर खेल रहा था। खेलते-खेलते वह घर के पास पड़े पत्थरों के ढेर के पास पहुंच गया। पत्थरों के बीच छिपे सांप ने उसके पैर पर काट लिया। रौनक की दर्द से चिल्लाने की आवाज सुनकर हम दोनों तुरंत बाहर पहुंचे। उस समय हम काफी घबरा गए थे। उसकी हालत बिगड़ती देख उसे तुरंत गाड़ी से परतापुर हॉस्पिटल लेकर गए। वहां डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद उसकी गंभीर हालत को देखते हुए बांसवाड़ा जिला हॉस्पिटल रेफर कर दिया।” बाबा जी का धागा भी बांधा, लेकिन नहीं बच सका मुकेश ने बताया, “वापसी के दौरान हमने उसके हाथ में बाबा जी के नाम का धागा भी बांधा। इसके बाद उसे जल्द से जल्द बांसवाड़ा जिला हॉस्पिटल लेकर पहुंचे, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। हमने अपने बच्चे को बचाने के लिए हर संभव प्रयास किया, लेकिन उसे नहीं बचाया जा सका।”
तीन भाइयों में सबसे छोटा था रौनक मुकेश मईड़ा के तीन बेटे हैं और रौनक सबसे छोटा था। छुट्टियों में नाना के घर आए मासूम की अचानक मौत से माता-पिता का रो-रोकर बुरा हाल है। घटना के बाद खटवाड़ा गांव में भी शोक का माहौल है। गांव के लोग परिवार को सांत्वना देने के लिए उनके घर पहुंच रहे हैं।
