जयपुर राजस्थान हाईकोर्ट को लगातार तीसरी बार बम से उड़ाने की धमकी मिलने के बाद सांगानेर थाना इलाके के होटल इंटरकॉन्टिनेंटल होटल को भी बम से उड़ाने की धमकी मिली थी। ये धमकी होटल की ऑफिशियल मेल पर दी गई थी। मेल में लिखा था होटल में पांच बम है और एक बम बंपर में फिट करके रख दिया है। सूचना के बाद मौके पर सभी सुरक्षा एजेंसियों ने सर्च ऑपरेशन चलाया। हालांकि सर्च में किसी तरह की संदिग्ध वस्तु नहीं मिली। वहीं कल, मंगलवार को धमकी मिलने के बाद आज भी कोर्ट परिसर को बम से उड़ाने की धमकी मिली। सूचना के बाद मौके पर बमनिरोधक दस्ता और डॉग स्क्वायड की टीम पहुंची। राजस्थान हाई कोर्ट में बम की सूचना के बाद जांच एजेंसी द्वारा दो बार पूरी तरह सर्च किया गया। सुबह 8 बजे से ही बमनिरोधक दस्ता और डॉग स्क्वायड की टीम ने सर्च किया। हाई कोर्ट सत्यमेव जयते भवन की पूरी तरह जांच की गई। जांच में किसी तरह की कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली। जांच एजेंसियों ने सभी तरह से सुरक्षित पाया। सत्यमेव जयते भवन,हाई कोर्ट परिसर को पूरी तरीके से सुरक्षित पाया। 11:30 से सभी अदालतों में कार्यवाही शुरू हुई। 11 द‍िसंबर, गुरुवार को राजस्‍थान हाई कोर्ट में बार एसोस‍िएश के चुनाव दो द‍िन से लगातार राजस्‍थान हाईकोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी म‍िल रही है। 11 द‍िसंबर, गुरुवार को राजस्‍थान हाई कोर्ट में बार एसोस‍िएश के चुनाव होने हैं। बता दें, इससे पहले 31 अक्टूबर और 5 दिसंबर को भी धमकी मिली थी। हालांकि सावधानी के तौर पर कोर्ट परिसर को खाली करवाया जा रहा है। 6 हफ्तों में पांचवी बार मिली धमकी पिछले 6 हफ्तों में यह पांचवीं बार है जब हाईकोर्ट को इस तरह का धमकी भरा मेल मिला है, इससे पहले 31 अक्टूबर, 5 दिसंबर, 8 दिसंबर और 9 दिसंबर को भी इसी तरह के संदेशों ने सुरक्षा एजेंसियों को परेशान कर दिया था। लगातार मिल रहे इन फर्जी मेलों ने अदालत की सुरक्षा व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े कर दिए हैं। न्यायिक कार्यवाही हो रही बाधित बार-बार होने वाली ऐसी घटनाएं न केवल न्यायिक कार्यवाही को बाधित कर रही हैं, बल्कि मामलों के निपटान में भी देरी का कारण बन रही हैं। पुलिस और प्रशासन सुरक्षा इंतजामों को और मजबूत करने, प्रवेश जांच सख्त करने और निगरानी प्रणाली को आधुनिक बनाने की दिशा में कदम उठा रहे हैं। सुरक्षा एजेंसियों ने आम जनता से अपील की है कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत अधिकारियों को दें, ताकि भविष्य में ऐसी स्थितियों से समय रहते निपटा जा सके। साइबर सेल को जांच सौंपी सूचना पर पुलिस, एटीएस, एसओजी, बम निरोधक दस्ते और डॉग स्क्वॉड की टीमें मौके पर पहुंंचीं। करीब 2 घंटे तक चले तलाशी अभियान में मुख्य भवन से लेकर पार्किंग और रिकॉर्ड रूम तक सघन जांच की गई, लेकिन कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली। इसके बाद मामले को ‘होक्स मेल’ यानी झूठी धमकी मानते हुए साइबर सेल को जांच सौंप दी गई। इससे पहले भी मंगलवार को एक मेल मिला, जिसमें दावा किया गया कि कोर्ट परिसर में विस्फोटक लगाए गए हैं। सूचना मिलते ही पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां सक्रिय हो गईं और तत्काल पूरे परिसर को खाली कराने की प्रक्रिया शुरू की गई। वकीलों, कर्मचारियों और मुकदमे के पक्षकारों को सुरक्षित बाहर निकालकर सभी न्यायिक कार्यवाही अस्थायी रूप से रोक दी गईं।