अपने बेटे को कनाडा भेजने के सपने में एक पिता ने अपनी सारी जमा पूंजी दांव पर लगा दी, लेकिन उस सपने ने उनके परिवार की खुशियां छीन लीं। लुधियाना के सवद्दी कलां निवासी हरदीप सिंह ने अपने बेटे की पत्नी को कनाडा भेजने पर करीब 30 लाख रुपए खर्च किए, इस उम्मीद में कि वह वहां से अपने पति को भी बुला लेगी। लेकिन विदेश पहुंचते ही बहू ने पति से नाता तोड़ लिया और ससुराल पक्ष को झूठे मुकदमों में फंसाने की धमकियां देनी शुरू कर दीं। थाना सिधवां बेट पुलिस ने हरदीप सिंह की शिकायत पर उसकी पुत्रवधु जोबनप्रीत कौर, उसके पिता सुखवीर सिंह और मां अमरजीत कौर (निवासी जनेतपुरा, लुधियाना) के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज किया है। पुलिस ने शुरू की भारत प्रत्यर्पण की कानूनी कार्रवाई मुख्य आरोपी जोबनप्रीत कौर फिलहाल कनाडा में रह रही है। पुलिस ने उसके भारत प्रत्यर्पण के लिए कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी है। हरदीप सिंह ने 28 मई को जिला लुधियाना ग्रामीण पुलिस प्रमुख एसएसपी डॉ. अंकुर गुप्ता को आरोपियों के खिलाफ शिकायत दी थी। शिकायत में बताया गया कि शादी से पहले एक एग्रीमेंट हुआ था। जिसके तहत जोबनप्रीत को कनाडा भेजने, उसकी पढ़ाई और रहने का सारा खर्च पति पक्ष उठाएगा। बदले में जोबनप्रीत को वहां से अपने पति सुखजोत सिंह को बुलाकर पीआर दिलवानी थी। हरदीप सिंह ने बताया कि उन्होंने बहू को कनाडा भेजने में लगभग 30 लाख रुपए खर्च किए। लेकिन कनाडा पहुंचते ही जोबनप्रीत ने पति से संपर्क तोड़ लिया और परिवार से मुंह मोड़ लिया। राजीनामा कर फिर मुकर गए आरोपी पीड़ित का कहना है कि जब पुलिस में शिकायत दी गई तो आरोपियों ने राजीनामा कर लिया, लेकिन बाद में वे समझौते से मुकर गए। इतना ही नहीं, उल्टा उन्होंने हरदीप सिंह और उनके बेटे को झूठे मुकदमे में फंसाने और जान से मरवाने की धमकियां दीं। इस दौरान सुखजोत सिंह को भारी मानसिक प्रताड़ना से गुजरना पड़ा। पुलिस जांच और आगे की कार्रवाई मामले की जांच कर रहे चौकी भूंदड़ी इंचार्ज दलजीत सिंह ने बताया कि कानूनी प्रक्रिया पूरी करके आरोपी दंपती सुखवीर सिंह और अमरजीत कौर को गिरफ्तार किया जाएगा। मुख्य आरोपी जोबनप्रीत कौर को भारत लाने के लिए दिल्ली स्थित कनाडा दूतावास और कनाडा स्थित भारतीय उच्चायोग से सहयोग लिया जा रहा है। पीड़ित की मांग हरदीप सिंह ने पंजाब सरकार और पुलिस के उच्चाधिकारियों से गुहार लगाई है कि उनके 30 लाख रुपये की राशि वापस दिलवाई जाए, और तीनों आरोपियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में कोई और परिवार ऐसे धोखे का शिकार न बने।