दौसा में सरकारी स्कूल के रास्ते में अतिक्रमण नहीं हटा तो बच्चे बस्ता लेकर स्कूल यूनिफॉर्म में कलेक्ट्रेट पढ़ने पहुंच गए। बोले- अधिकारी आकर वीडियो बनाते हैं और चले जाते हैं। कब्जा करने वालों ने कंटीले तार लगा रखे हैं। कई बार हमें चोट भी लग जाती है। ऐसे में, विरोध करने की जगह अब कलेक्ट्रेट में ही पढ़ने आ गए। वहीं बच्चों के साथ आए दिव्यांग परिजन सुरेंद्र सैनी ने सुबकते हुए कहा- हमने कई बार प्रशासन से कह दिया, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। हम परेशान हैं, हमारे बच्चे परेशान हैं। इस बार जाएंगे नहीं यहीं मरेंगे। इसके बाद कलेक्टर सौम्या झा ने बच्चों से मुलाकात की और सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया। मामला दौसा के सिकराय उपखंड क्षेत्र के पीलवा खुर्द गांव की चैना वाली ढाणी का है। राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय चैना वाली ढाणी का है। बच्चे बोले- कंटीले तार लगाए; चोट लग जाती है परिजन बोले- हम यही मरेंगे बच्चों के साथ आए ग्रामीण सुरेश सैनी ने भावुक होते हुए बताया कि रास्ते की समस्या के संबंध में 17 जुलाई को भी कलेक्टर को ज्ञापन देकर गए थे। लेकिन स्थाई समाधान नहीं होने से उन्हें मजबूरन फिर से आना पड़ा है। सैनी ने कहा- कोई सुनवाई करने वाला नहीं है, अब हम यहीं मरेंगे। ग्रामीणों का कहना था कि रास्ता बंद होने के साथ बारिश के दौरान बच्चे कई बार फिसल जाते हैं, उनके कपड़े और किताबें खराब हो जाती हैं तथा कई बार उन्हें स्कूल से छुट्टी करनी पड़ती है। ऐसे में पक्की सड़क का निर्माण कराया जाए। कलेक्टर बोलीं- सख्त एक्शन लेंगे मामले को लेकर कलेक्टर डॉ. सौम्या झा ने कहा- स्कूल के रास्ते पर किसी ग्रामीण द्वारा तारबंदी करने की शिकायत एक हफ्ते पहले भी मिली थी। इसके अगले दिन राजस्व विभाग की टीम ने अतिक्रमण हटा दिया था। आज स्कूल की बच्चियों ने वापस अतिक्रमण के बारे में शिकायत दी है। मैंने एसडीएम को मौके पर पहुंचकर समस्या का समाधान करने के निर्देश दिए हैं, साथ ही अतिक्रमण के खिलाफ भी ठोस कार्रवाई की जाएगी।
