भास्कर न्यूज | जालंधर नंगलशामा में मृतक व्यक्ति का आधार कार्ड बदल कर 17 मरले प्रापर्टी की रजिस्ट्री करवाने के मामले में गवाहों पर भी गाज गिरेगी। उक्त रजिस्ट्री में 17 मरले प्रापर्टी को 22.10 लाख रुपए में खरीदने की बात लिखी गई है। इसमें पहले गवाह के रूप में नंबरदार हरजिंदर सिंह गांव सपराये, दूसरा गवाह गुरिंदर सिंह और मलकीत सिंह है। इस मामले में इनपर भी कार्रवाई की जाएगी। उक्त डीड की ड्राफ्ट एक एडवोकेट की तरफ से की गई है। इस सारे मामले में सब-रजिस्ट्रार कार्यालय में होने वाले फर्जीवाड़े का बड़ा मामला सामने आया है। किस तरह से मिलीभगत कर मृतक व्यक्तियों की प्रापर्टी को भू-माफिया अपने नाम करने की साजिश रच रहा है। इस सारे मामले में प्रापर्टी रजिस्ट्रेशन में गवाह के तौर पर नंबरदारों की मोहर का इस्तेमाल होता होता है उसमें भी बड़ी गड़बड़ी पाई जाती है। क्योंकि रजिस्ट्रेशन के तहत नंबरदार मुख्य गवाह होता है जो तस्दीक करता है कि प्रापर्टी खरीदने या फिर बेचने वाले को वह जानता है जिसके आधार पर सब-रजिस्ट्रार रजिस्ट्रेशन करता है। लेकिन जालंधर सब-रजिस्ट्रार कार्यालय में रोजाना होने वाले डॉक्यूमेंट रजिस्ट्रेशन में चुनिंदा नंबरदारों की गवाही ही डाली जा रही है। जबकि अगर जिस एरिया की प्रापर्टी बेची जा रही है उसी एरिया के नंबरदार की गवाही को अनिवार्य किया जाए तो बड़े स्तर पर होने वाले फ्राड को रोका जा सकता है। लेकिन तहसीलों में चुनिंदा नंबरदारों की गवाही का खेल चल रहा है। जिले के हर गांव में एक से दो नंबरदार हैं। जिनका काम तस्दीक करना होता है। सरकार की तरफ से इन्हें 1500 रुपए स्टाइपंड भी दिया जाता है। सब-रजिस्ट्रार कार्यालय में चुनिंदा 10 से 20 नंबरदार ही रोजाना मौजूद रहते है। जालंधर में करीब 1500 नंबरदार रजिस्टर्ड है। ईजी रजिस्ट्रेशन के तहत कई बड़े बदलाव किए गए है लेकिन इस पुरानी व्यवस्था को भी दुरुस्त करने की जरूरत है। इसके लिए नंबरदारों की डिजिटल ऑनलाइन साइन से लेकर अन्य विकल्प जरूरी करने होंगे। ताकि लोगों को आसानी से उनके एरिया के नंबरदार की मोहर मिल सके। या फिर नंबरदार की जगह पर कोई दूसरा विकल्प करना होगा। रजिस्ट्री के लिए इनकी गवाही भी हो सकती है : सांसद, विधायक, मैंबर अॉफ लेजिस्लेटिव काउंसिल, जिला परिषद, पंचायत समिति, ग्राम पंचायत मैंबर, नंबरदार, जिला सेवक, उप-जिला सेवक, प्रधान,-उप-प्रधान, मैंबर ऑफ म्यूनिसिपल कमेटी, प्रधान, उप-प्रधान, सेक्रेटरी ऑफ को-अॉपरेटिव सोसायटी, रिटायर्ड गजटेड आफिसर, पूर्व-मिलिट्री आफिसर या फिर इसके अलावा इलाके में रहने वाला कोई भी प्रसिद्ध व्यक्ति।
