राजधानी में सोमवार को प्रदेशभर से आए हजारों कर्मचारियों ने सरकार के खिलाफ शक्ति प्रदर्शन किया। यह शक्ति प्रदर्शन 7 संकल्प और 11 सूत्री मांगों के समर्थन में किया गया। राजस्थान राज्य कर्मचारी संयुक्त महासंघ के आह्वान पर कर्मचारियों ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। अपनी विभिन्न मांगें लिखी तख्तियां लेकर कर्मचारी रामनिवास बाग से बाइस गोदाम तक रैली के रूप में रवाना हुए। रैली इतनी लंबी थी कि अग्रिम हिस्सा जब अहिंसा सर्किल तक पहुंच चुका था, तब अंतिम हिस्सा रामनिवास बाग में ही था। रास्ते में जाम की स्थिति बनी रही। 7 संकल्प : पदोन्नति व वेतन विसंगति दूर करना, ओपीएस सुनिश्चित रखना, संविदाकर्मियों का नियमितीकरण, स्थानांतरण नीति, निगम, बोर्ड का निजीकरण बंद कराना, कर्मचारियों का मान-सम्मान सुनिश्चित करना। महासंघ की सभा में कई फैसले
रैली के बाद कर्मचारी बाइस गोदाम सर्किल पर पास सभा के रूप में एकत्रित हो गए। यहां महासंघ के प्रदेशाध्यक्ष महावीर शर्मा सहित अन्य पदाधिकारियों की उपस्थिति कई फैसले किए गए। इसमें वक्ताओं ने अपने संकल्पों के साथ सरकार को राज्य कर्मचारियों की हड़ताल की चेतावनी दी और बजट प्रस्तुत किए जाने के दौरान समानांतर रूप से सद्बुद्धि यज्ञ किए जाने की घोषणा भी की। यह भी कहा गया कि यदि 31 मार्च तक सात संकल्पों पर प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई तो महासंघ बड़ा आंदोलन करेगा। वादाखिलाफी बर्दाश्त नहीं : महासंघ
महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष महावीर शर्मा ने सभा में कहा कि सरकार अधीनस्थ सेवा के कर्मचारियों के साथ लगातार वादा खिलाफी कर रही है। अब महासंघ कर्मचारियों का शोषण और बर्दाश्त नहीं करेगा। महासंघ के प्रदेश महामंत्री महावीर सिहाग ने कहा कि प्रदेश के कर्मचारियों ने अब सरकार को आईना दिखाया है। महासंघ के वरिष्ठ उपाध्यक्ष तेज सिंह राठौड़ व बन्नाराम चौधरी ने कहा कि महारैली से पूर्व महासंघ के पदाधिकारियों ने प्रदेश के सभी जिलों में संघर्ष चेतना यात्रा निकालकर सभी जिलों में पहुंचकर कर्मचारियों से संवाद कायम किया।
