जिला मुख्यालय पर बुधवार को जिला कांग्रेस कमेटी ने केंद्र सरकार के सरकारी मशीनरी एवं जांच एजेंसी के दुरुपयोग के खिलाफ प्रदर्शन किया। कांग्रेस नेताओं ने बताया कि 16 दिसम्बर को उच्चतम न्यायालय ने सोनिया गांधी और राहुल गांधी के खिलाफ ई डी की ओर से नेशनल हेराल्ड मामले में लगाई गई िरट पर संज्ञान लेने से इनकार कर दिया, पूरी तरीके से प्रक्रिया हीन एवं राजनीतिक द्वेष से ग्रसित हो रखी थी। कांग्रेस पार्टी के दोनों नेताओं को समन दिया जिसमें दोनों नेताओं ने कानून के अनुसार विभाग की जांच में पूर्ण सहयोग किया। जबकि प्रथम दृष्टया में न्यायालय ने संज्ञान में ही नहीं लिया। उन्होंने बताया कि लोकतंत्र में सरकार और विपक्ष का होना जरूरी होता है, अन्यथा सरकार तानाशाही शासन व्यवस्था की ओर अग्रसर होता है। लेकिन बीजेपी के नेता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को न विपक्ष पसंद है और न ही मीडिया की आजादी जो कि लोकतंत्र का चौथा स्तंभ है। कांग्रेस पार्टी सहित तमाम विपक्ष के नेताओं के खिलाफ सरकार की ओर से जो जांच एजेंसी को हथियार के तौर पर प्रयोग में लेना लोकतंत्र की हत्या करने का प्रयास है जिसका पूरे देश मे विरोध किया जाएगा। प्रदर्शन के दौरान पूर्व उप जिला प्रमुख सोहनलाल लेघा, पूर्व प्रधान पुष्पा चौधरी, निवर्तमान सभापति दीपक माली, पूर्व उप सभापति चैनसिंह भाटी, सेवादल जिलाध्यक्ष सोनाराम मंसुरिया, यूथ कांग्रेस जिलाध्यक्ष राजेन्द्र कड़वासरा, एनएसयूआई जिलाध्यक्ष भूपेंद्र राजबेरा, बाड़मेर ब्लॉक अध्यक्ष करनाराम मेघवाल, शिव ब्लॉक अध्यक्ष इल्मदीन ,धोरीमन्ना दिनेश कुलदीप, आरजीपीआरएस प्रदेश सचिव तरुण बलवानी, जिलाध्यक्ष महावीर बोहरा, अनुसूचित जिला कांग्रेस प्रकोष्ठ जिलाध्यक्ष नंद किशोर, विधि प्रकोष्ठ जिलाध्यक्ष अमित बोहरा, जिला महासचिव मुकेश जैन, पूर्व पार्षद रमेश आचार्य, सोहनलाल मंसुरिया, गोविंद भील, वी पी सिंह, मगराज सैन, उमाशंकर फुलवरिया, सीपी बेनीवाल, मुल्तानसिंह, जितेंद्र चौहान, स्वरूप सिंह पंवार, श्रवण कुमार चंदेल, तगाराम खती, पदम परमार, प्रकाश लौहार, जगदीश जाखड़, मोहनलाल जाटोल, मूलाराम पूनड़, भगवानराम, जेपी शारदा, अर्जुनराम सहित सैकड़ों कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
