संगरूर शहर के अति व्यस्त इलाके में स्थित एक मनियारी की दुकान को चोरों ने निशाना बनाते हुए लाखों रुपये के माल और नकदी पर हाथ साफ कर दिया। शातिर चोर दुकान से सगुन में इस्तेमाल होने वाली नोटों की मालाएं, गल्ले में रखी नकदी और गौशाला के दानपात्र की राशि चुराकर फरार हो गए। पीड़ित दुकानदार के अनुसार इस चोरी की घटना में उनका करीब 1.50 लाख रुपये का वित्तीय नुकसान हुआ है। यह घटना संगरूर के पटियाला गेट स्थित कोऑपरेटिव बैंक के पास और वूमेन्स वर्ल्ड ब्यूटी पार्लर के समीप शनिवार और रविवार की दरमियानी रात को घटी। रविवार सुबह जब दुकान मालिक गोपाल दास गोयल, उद्देश्य कुमार गोयल और निशांत गोयल दुकान खोलने पहुँचे, तो उन्होंने अंदर सारा सामान अस्त-व्यस्त और गल्ला टूटा हुआ पाया। जांच करने पर पता चला कि चोर दुकान की तीसरी मंजिल पर बने स्टोर रूम के रास्ते शटर उठाकर अंदर दाखिल हुए थे। शातिर चोरों ने बंद किए सीसीटीवी कैमरे और उड़ाई नोटों की मालाएं वारदात को अंजाम देने से पहले चोरों ने पूरी चालाकी दिखाते हुए दुकान की मुख्य बिजली सप्लाई काट दी और सीसीटीवी कैमरों को बंद कर दिया, जिनकी फुटेज रात करीब 12:45 बजे से बंद मिली। इसके बाद चोरों ने इत्मीनान से दुकान खंगाली और शादी-विवाह के मौसम के लिए रखी गई नई करेंसी नोटों की कीमती मालाएं, गल्ले में जमा बिक्री के पैसे तथा गौशाला के दानपात्र में रखी नकदी समेट ली। सूचना पर पहुँची पुलिस, खंगाली जा रही सीसीटीवी फुटेज घटना की जानकारी मिलते ही थाना सिटी संगरूर की पुलिस टीम तुरंत मौके पर पहुँची और दुकान सहित आसपास के पूरे इलाके का मुआयना किया। पुलिस अधिकारी आसपास के व्यापारिक प्रतिष्ठानों और सड़कों पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रहे हैं ताकि चोरों के आने-जाने के रास्ते का सुराग लगाया जा सके। पुलिस प्रशासन ने दावा किया है कि आरोपियों को जल्द ही पहचान कर गिरफ्तार कर लिया जाएगा। पुलिस स्टेशन के पास चोरी से व्यापारियों में रोष और चिंता घटना की सूचना मिलने पर अग्रवाल सभा संगरूर के प्रधान बदरी जिंदल भी मौके पर पहुँचे और इस चोरी पर गहरा रोष व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि जब पुलिस थाना सिटी से महज 200 मीटर की दूरी पर स्थित घनी आबादी और बाजार वाले इलाके में ऐसी वारदातें हो रही हैं, तो आम दुकानदार खुद को कैसे सुरक्षित महसूस करेंगे। उन्होंने जिला पुलिस प्रमुख (एसएसपी) से मांग की है कि मामले की त्वरित जांच कर चोरों को तुरंत सलाखों के पीछे भेजा जाए और गश्त बढ़ाई जाए।
