गंभीरी और बेड़च नदी के संगम पर स्थित संगम महादेव मंदिर में चल रहे शिवरात्रि मेले के तीसरे दिन विराट हिन्दू सम्मेलन का आयोजन हुआ। आयोजन की शुरुआत कलश यात्रा और शोभायात्रा से हुई। इसके लिए सुबह से ही श्रद्धालु पावटा चौक क्षेत्र में एकत्र होने लगे थे। पूरे क्षेत्र में धार्मिक माहौल बना हुआ था और भगवान शिव के जयकारों से वातावरण गूंज उठा। आयोजन की तैयारियां पहले से ही पूरी कर ली गई थीं, जिससे यात्रा शांतिपूर्ण और व्यवस्थित ढंग से संपन्न हो सके। हजारेश्वर महादेव मंदिर से निकली भव्य कलश यात्रा पावटा चौक स्थित हजारेश्वर महादेव मंदिर से विधि-विधान के साथ कलश यात्रा की शुरुआत हुई। इस यात्रा में लगभग 1100 महिलाएं सिर पर कलश रखकर शामिल हुईं। सभी महिलाएं पारंपरिक परिधान में सजी हुई थीं और भक्ति गीत गाते हुए आगे बढ़ रही थीं। महिलाओं की लंबी कतारें पूरे रास्ते में आकर्षण का केंद्र बनी रहीं। श्रद्धालुओं ने रास्ते में पुष्प वर्षा कर यात्रा का स्वागत किया। कई स्थानों पर सामाजिक संगठनों की ओर से पेयजल और प्रसाद की व्यवस्था भी की गई। शोभायात्रा में उमड़ा जनसैलाब, डीजे की धुन पर झूमे श्रद्धालु कलश यात्रा के साथ निकली शोभायात्रा भी बेहद भव्य रही। यात्रा हजारेश्वर महादेव मंदिर से शुरू होकर पावटा चौक, सब्जी मंडी, गोल प्याऊ चौराहा, सुभाष चौक, रोडवेज बस स्टैंड, कोतवाली, कीर खेड़ा और भोई खेड़ा होते हुए संगम महादेव मंदिर पहुंची। पूरे रास्ते में श्रद्धालु नाचते-गाते नजर आए। डीजे की धुन पर युवा, बच्चे और बुजुर्ग सभी झूमते दिखे। लोग भगवान शिव के जयकारे लगा रहे थे। यात्रा के गुजरने के दौरान शहर का माहौल पूरी तरह भक्तिमय हो गया। दुकानदारों और स्थानीय लोगों ने भी शोभायात्रा का स्वागत किया। संगम महादेव मंदिर पहुंचकर हुआ समापन भव्य शोभायात्रा अंत में संगम महादेव मंदिर पहुंची, जहां श्रद्धालुओं ने भगवान शिव के दर्शन किए और पूजा-अर्चना की। मंदिर परिसर में भक्तों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी।
