षट्तिला एकादशी पर बुधवार को मंदिरों में धार्मिक कार्यक्रम हुए। गोपालजी मंदिर पुजारी रामावतार बढ़ाढरा ने बताया कि ठाकुरजी को पंचामृत से स्नान करवा कर पूजा की गई। पंजीरी, फल व मिठाई का भोग लगाकर महाआरती की। एकादशी की कथा का वाचन किया गया। महिलाओं ने मंगल गीत गाए और तिल से बनी चीजों का दान किया। पंडित विनोद जोशी ने बताया कि मकर संक्रांति व षट्तिला एकादशी का संयोग विशेष फलदायी है। इधर, मकर संक्रांति के साथ साल की पहली (षट तिला) एकादशी होने पर श्याम मंदिर में भी दिनभर दर्शनार्थियों की भीड़ रही। इस दौरान बाबा श्याम के दरबार का फूलों से श्रृंगार किया।