डीडवाना के शेरानी आबाद में गुरुवार को इदारा-ए-कुरआन परिसर में दीनी व तालीमी कार्यक्रम आयोजित किया गया। यह कार्यक्रम इदारा-ए-कुरआन और तहरीक उलेमा-ए-हिंद के संयुक्त तत्वावधान में मुजदीदी इंस्टिट्यूट ऑफ कुरआन के तहत संपन्न हुआ। इस कार्यक्रम में कुल 214 छात्र-छात्राओं को रिदापोशी और प्रमाण-पत्र वितरित किए गए। इनमें 55 नाज़रा, 6 आलिमा, 30 क़ारिया, 19 मुबल्लिगा और 84 मदनी क़ायदा के विद्यार्थी शामिल थे, जिन्होंने अपने-अपने कोर्स पूरे किए। कार्यक्रम की सरपरस्ती हज़रत बापू सैयद गुलाम हुसैन जीलानी ने की। इस अवसर पर देशभर से कई उलमा-ए-किराम उपस्थित रहे, जिनमें मुफ़्ती खालिद अय्यूब मिस्बाही, मौलाना अब्दुर्रहमान पटेल, मौलाना साजिद अली मिस्बाही, अख़लाक़ उस्मानी और डॉ. गौस मोहम्मद अजहरी प्रमुख थे। डेटा साइंटिस्ट मोहम्मद आरिफ शेरानी ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) पर जानकारी दी और आधुनिक शिक्षा के महत्व पर जोर दिया। हाफिज मोहम्मद अशरफ बरकाती ने इदारा-ए-कुरआन व ट्रस्ट का लेखा-जोखा प्रस्तुत किया। सैय्यद फरीद मियां (अजमेर), शहर काज़ी सादिक उस्मानी (डीडवाना) और कारी रईस अहमद (रोल शरीफ) सहित कई गणमान्य व्यक्ति भी कार्यक्रम में उपस्थित थे। अपने संबोधन में हज़रत जीलानी ने कहा कि दीनी संस्थाएं समाज के भविष्य की मजबूत नींव हैं। उन्होंने सभी से इन संस्थाओं के सहयोग के लिए आगे आने और बच्चों को उच्च शिक्षा दिलाने पर जोर दिया। इस अवसर पर ख़त्मे बुखारी शरीफ का भी आयोजन किया गया। इसमें उलमा-ए-किराम ने सहीह बुखारी की फ़ज़ीलत और अहादीस पर अमल की अहमियत बताई और विशेष दुआएं कीं। कार्यक्रम तहरीक के प्रेसिडेंट डॉ. गौस मोहम्मद अज़हरी और वाइस प्रेसिडेंट अरबाज़ रज़ा क़ादरी की निगरानी में संपन्न हुआ। अंत में मुफ़्ती खालिद अय्यूब मिस्बाही ने सभी अतिथियों का आभार व्यक्त किया।