12 वीं में 60 प्रतिशत या उससे कम, 10वीं में 50 या उससे कम और आठवीं में 50 प्रतिशत से कम रिजल्ट आने पर उसे कमजोर रिजल्ट माना गया। कमजोर रिजल्ट वालों को समय पर नोटिस और चार्जशीट जारी कर जवाब मांग लिया गया। 5वीं, 8वीं, 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षा में 90 प्रतिशत या उससे अधिक अंक लाने वाले स्कूलों के संस्था प्रधानों को विभाग की ओर से प्रमाण पत्र दिए जाने थे। बेहतर काम करने वाले संस्था प्रधानों को अब तक प्रमाण-पत्र नहीं मिले जबकि शिडयूल के तहत 15 जनवरी तक प्रमाण-पत्र मिल जाने चाहिए थे। इसको लेकर जो परिपत्र जारी किया गया था उसमें स्पष्ट लिखा था कि पांच साल में एक बार भी कमजोर रिजल्ट रहा तो संस्था प्रधान को चेतावनी और स्थान परिवर्तन किया जा सकता है। 3 बार परिणाम कमजोर रहने पर 17सीसी का नोटिस देना था। 30 जुलाई तक कमजोर रिजल्ट वाले स्कूल चिन्हित करने थे। 10 जुलाई तक आरोप पत्र, 25 अगस्त तक जवाब, 25 सितंबर तक जवाब के आधार पर कार्रवाई, 31 अक्टूबर तक व्यक्तिगत सुनवाई और 30 नवंबर तक फाइनल नोटिस और कार्रवाई करनी थी। ठीक इसी तरह बेहतर रिजल्ट वाले स्कूल और शिक्षकों को प्रमाण पत्र भी देना था। प्रमाण पत्र देने का समय 15 जनवरी लास्ट था। हैरानी की बात ये ​है कि तकरीबन 215 संस्था प्रधानों को नोटिस तो समय पर दे दिए गए मगर बेहतर काम करने वाले शिक्षक अभी भी प्रमाण पत्र का इंतजार कर रहे हैं। राजस्थान शिक्षा विभागीय कर्मचारी कल्याण संघ समस्त संवर्ग के प्रदेश अध्यक्ष प्रदीप जोशी ने मंत्री, सचिव और डायरेक्टर को पत्र देकर मांग की कि इनको भी समय पर प्रमाण पत्र दिए जाएं। हैरानी की बात ये कि सालों ये प्रमाणपत्र नहीं दिए गए और डीईओ भी ये भूल गए। अच्छा काम करने वाले भी होते हैं दंडित
शिक्षा विभाग अच्छा और कमजोर काम करने वाले शि​क्षकों और संस्था प्रधानों में ज्यादा फर्क नहीं कर रहा। फर्क सिर्फ इतना है कि कमजोर काम करने वालों काे नोटिस समय पर मिल जाता है। उन्हें हटाया भी जा सकता है। मगर अच्छा काम करने वालों को भी हटाया जा रहा है। हैरानी इस बात की कि​ संयुक्त निदेशक सुनीता चावला को ये पता ही नहीं कि इसका सकुर्लर ही कब जारी हुआ। सूर्य सप्तमी पर स्कूलों में होगा सूर्य नमस्कार
सूर्य सप्ताह 25 जनवरी को है और उस दिन राजकीय अवकाश होने के कारण प्रदेश के करीब 70 हजार सरकारी और गैर सरकारी स्कूलों में शनिवार को ही सूर्य नमस्कार के आयोजन होंगे। जिला शिक्षा अधिकारी गुणवत्ता एवं नवाचार डॉ.रामगोपाल शर्मा ने सभी संभागीय संयुक्त निदेशकों को पत्र लिखा है।